जलालाबाद। रामगंगा में दोबारा आई बाढ़ से खंडहर क्षेत्र में ऊंचाई पर बसे वे गांव भी चौतरफा पानी से घिर गए हैं, जो गत माह और पिछले वर्ष आई बाढ़ से सुरक्षित बचे रहे। हालांकि, रविवार सुबह से रामगंगा में पानी बढ़ना रुक गया, लेकिन बाढ़ को लेकर प्रभावित गांवों के लोगों की दिक्कतें कम नहीं हो पाईं।
रामगंगा और बहगुल के तटीय गांवों में दूर-दूर तक सिर्फ पानी नजर आ रहा है। इसलिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बंद होने से दिन ढलते ही अंधेरा होने से ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ प्रभावित हथिनापुर गांव के ईशपाल, प्रेमनाथ, ईश्वर दयाल आदि के अनुसार बीते बुधवार से शनिवार रात तक पानी बढ़ता रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी गांवों की आबादी के अंदर नहीं पहुंचा, लेकिन लगातार चार दिन तक पानी बढ़ने से मौजूदा हालात गत माह आई बाढ़ से ज्यादा खराब हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पानी ऊंचाई वाले उन स्थानों तक पहुंच गया, जहां इससे पहले नहीं पहुंचा था। इस कारण फसलों के जलमग्न होने का दायरा भी बढ़ गया है।
खंडहर क्षेत्र में ऊंचाई पर बसे हथिनापुर समेत शाहपुर, बलदेवपुर, शेरपुर चुरघुटी, नौगवां, तेरा हार और जाटव मड़ैया पानी से घिर गए हैं। इस सभी गांवों के संपर्क मार्ग करीब दो फुट पानी में डूबे हैं, लेकिन ग्रामीण तेजी से बह रहे पानी से होकर निकलने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वहां नाव उपलब्ध नहीं कराई गई है।
तेरा हार गांव के सुधीर, अल्ताफ, श्रवण आदि ने बताया कि पिछले कई वर्षों में आई बाढ़ के दौरान इन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा था। उन्होंने बताया कि जो फसलें पहले भी कई दिन बाढ़ में जलमग्न रहने के बाद किसी तरह बचीं, वे फिर से डूब जाने से उनके नष्ट होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों ने खंडहर क्षेत्र के गांवों के लिए अलग से नाव सुलभ कराने की प्रशासन से मांग की है।
आजादनगर में घुसा गंगा का पानी, तज बहाव से कटे कई गांवों के संपर्क मार्ग
मिर्जापुर। गंगा में आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। आजादनगर में पानी घुसने लगा है और कटरी में बसे लुहारनगला समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग बाढ़ के तेज बहाव में कट गए हैं। तमाम रास्तों पर पानी भरा होने से आवागमन ठप है। ग्रामीण मौसमी रोगों और पशुओं के चारे को लेकर परेशान हैं, लेकिन वहां प्रशासन की ओर से प्रभावितों की सुध लेने अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
लुहार नगला के प्रेमदत्त ने बताया कि उनके गांव की तरफ आने वाले दो रास्ते हैं। इनमें मुख्य संपर्क मार्ग बाढ़ से कट चुका है और दूसरे रास्ते पर कई फुट पानी भरा हुआ है। आजादनगर के अमन, जाबिर, नाजिम, इशहाक आदि के अनुसार बाढ़ ने गांव के सभी रास्ते बंद कर दिए और अब पानी तेजी से गांव में घुस रहा है।
बाढ़ का चारों तरफ कब्जा होने से खेतों में फसलें डूबी हुई हैं। पशु बीमार हो रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो दवाएं मिल रही हैं और न ही चारे का बंदोबस्त हो रहा है। बाढ़ ने तमाम गांवों के स्कूलों को भी अपनी चपेट में ले रखा है। संवाद
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तटीय गांवों में कहर बरपा रही रामगंगा की बाढ़
मिर्जापुर। गंगा की सहायक रामगंगा की बाढ़ भी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। रामगंगा के किनारे बसे पहरुआ, कुंडरी आश्रम, जरियनपुर, तारापुर आदि गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पानी बह रहा है। गुलड़िया संपर्क मार्ग बाढ़ से कट जाने से आवाजाही बिल्कुल बंद हो गई है। रामगंगा से प्रभावित कीलापुर निवासी रामवीर, शिवकुमार, रामसिंह आदि ने बताया कि बाढ़ से तुलसा, मक्का, धान, बाजरा, तिल, उर्द आदि की फसलें नष्ट हो गई हैं। पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. सहदीप कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में टीम भेजकर पशुओं का टीकाकरण शुरू करा दिया गया है। संवाद
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गर्रा में बाढ़ से कई गांवों में सैकड़ों बीघा फसलें हुईं बरबाद
तिलहर। गर्रा नदी में आई बाढ़ से तटवर्ती गांवों में रविवार को दिन भर जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। पानी घटने के साथ ही सैकड़ों बीघा फसलों की बरबादी का मंजर भी दिखने लगा है। गर्रा के किनारे बसे घनश्यामपुर, आजमाबाद, बिहारीपुर, रटा, जिकरीपुर, रटी, धन्यौरा आदि गांवों में फसलों को व्यापक क्षति हुई है। रविवार को निगोही मार्ग और नगरिया पुलिस चौकी से निकले रिंग रोड पर पानी कम हो जाने से इन मार्गों पर आवागमन शुरू हो गया, लेकिन गांवों में हालात जस के तस बने हैं। रटा गांव के मैकूलाल, बृज किशोर आदि ने बताया कि पहले भी फसलें बाढ़ में डूब चुकी हैं। अब दोबारा बाढ़ से फिर डूबी फसलों को बचाए रखना संभव नहीं रहा। एसडीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का राजस्व टीम से जल्द सर्वे कराके मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संवाद
बाढ़ पीड़ितों को बांटे खाने के पैकेट
रोजा। बरेली मोड़ स्थित कांशीराम काॅलोनी व शहबाजपुर गांव में रविवार शाम पूर्व शिक्षक एमएलसी संजय मिश्रा ने बाढ़ पीड़ितों को खाने के पैकेट वितरित किए। इस दौरान संजीव मिश्रा, दीपक मिश्रा, नीरज वाजपेयी, हरिशरण वाजपेयी आदि मौजूद रहे। संवाद
पूर्व विधायक ने की मुआवजे और पुल निर्माण की मांग
निगोही। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने बाढ़ पीड़ित गांवों का भ्रमण कर लोगों को राहत सामग्री वितरित की। रविवार सुबह पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा सबसे पहले रटा गांव पहुंचे। फिर रटी के बाद अजमाबाद, बिहारीपुर, चितीबोझी आदि गांवों के हालात देखे। उन्होंने कहा कि यहां हर वर्ष बाढ़ आती है। सरकार को पहले से ही व्यवस्था करनी चाहिए। किसानों को फसल का मुआवजा देने के साथ ही पीड़ितों की यथासंभव मदद करनी चाहिए। चितीबोझी और ढकिया रघा के बीच पुल का निर्माण कराना चाहिए। उनके साथ संजू मिश्रा, राजेश सिंह, लालबाबू, पप्पू वर्मा, देशराज वर्मा, गप्पू वर्मा, राजीव पटेल, सतीश वर्मा, जितेंद्र गुप्ता, प्रभु सिंह कुशवाहा आदि रहे। संवाद
मिर्जापुर में बाढ़ के पानी से जलमग्न सादिकपुर प्राथमिक विद्यालय। स्रोत: जागरूक पाठक
मिर्जापुर में बाढ़ के पानी से जलमग्न सादिकपुर प्राथमिक विद्यालय। स्रोत: जागरूक पाठक