पेट्रोल पंप का नया लाइसेंस बनाने के लिए पेशगी के रूप में 50 हजार रुपये रिश्वत में लेने के आरोप में गिरफ्तार जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) बीके शुक्ला को बुधवार को जेल भेज दिया गया। शुक्ला को बरेली में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) एसके सिंह की कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से जेल भेजा गया। डीएसओ की ओर से कोर्ट में जमानत की अर्जी नहीं दी गई। उधर, शुक्ला को गिरफ्तार करने वाली एंटी करप्शन टीम ने बैंक खातों और लॉकर सीज को सीज कर दिया है। पूर्ति कार्यालय में उनके अधीनस्थों से पूछताछ की उनकी संपत्ति का ब्योरा लिया गया। उनकी संपत्ति का पता लगाने के लिए भी टीम लगाई गई।
थाना मदनापुर के गांव अगरौली में प्रकाश फ्यूल सेंटर के मालिक प्रकाश चंद्र की शिकायत पर मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने डीएसओ शुक्ला को रंगे हाथों पचास हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। शुक्ला ने प्रकाश चंद्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया था, जिसकी बहाली के लिए उन्होंने पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इससे कम में वह लाइसेंस का रिन्यूवल करने को तैयार नहीं थे। प्रकाश चंद्र ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम बरेली से की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने अपनी कार्यवाई शुरू की थी। मंगलवार को दोपहर करीब तीन बजे एंटी करप्शन की टीम ने अपना जाल बिछा दिया था। टीम का नेतृत्व मुरादाबाद की डीएसपी प्रज्ञा मिश्रा ने की थी। पंप के प्रबंधक भानु प्रताप सिंह रिश्वत की रकम लेकर डीएसओ कार्यालय पहुंचे और रकम देते ही एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा लिखा गया था। बुधवार को थाना सदर बाजार पुलिस की एक टीम शुक्ला को लेकर बरेली पहुंची। वहां भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बरेली एंटी करप्शन टीम के प्रभारी धर्मवीर सिंह ने शुक्ला के एक्सिस बैंक के खाते और लॉकर की जांच करने के बाद उन्हें सीज कर दिया। इसके साथ ही टीम ने पूर्ति कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ कर शुक्ला के बारे में जानकारी ली। शुक्ला की संपत्ति का ब्योरा निकालने के लिए एंटी करप्शन की टीम लगी हुई है। पता लगाया जा रहा है कि उनके पास कितने मकान और प्लाट हैं। उनके सरकारी और निजी चालक से भी पूछताछ की गई है।
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बीके शुक्ला के एक्सिस बैंक के खाते और एकाउंट का सीज कर दिया गया। साथ ही उनके अधीनस्थों से पूछताछ के संपत्ति का ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है।
- धर्मवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, एंटी करप्शन टीम, बरेली
राममूर्ति सिंह बोले, गिरफ्तार
डीएसओ मेरा चहेता नहीं
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने बुधवार को कहा कि मंगलवार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा गिरफ्तार डीएसओ उनका चहेता नहीं, बल्कि उन्होंने ही पहली बार उसके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी तो उसका शाहजहांपुर से ट्रांसफर हो गया था। उन्होंने कहा कि बाद में बीके शुक्ला अपने तबादले के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे ले आए और यहां तैैनात हो गए। उन्होंने कहा कि उसी दौरान बीच में मृत पत्रकार जगेंद्र के फेसबुक वॉल पर और व्हाट्सएप पर बिना इनके कार्यालय में चढ़े और फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र डाल दिए गए थे, जिनका इनसे कोई लेना-देना ही नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनकी ओर से जारी होने वाला हर पत्र कार्यालयी ब्योरा में चढ़ाया जाता है लेकिन सोशल मीडिया पर प्रचारित पत्र का कोई ब्योरा ही कार्यालय मेें नहीं है और ना ही उस पर अंकित हस्ताक्षर ही इनके हैं। उन्होंने कहा कि गत अप्रैल माह में इनके समेत सपा के शाहजहांपुर के सभी नेताओं ने डीएसओ शुक्ला के खिलाफ साझे तौर पर सरकार से शिकायत की थी।