शाहजहांपुर। वायु दाब में गिरावट के कारण शनिवार को सुबह से मौसम ने फिर तेवर बदल लिए। शाम से छाए बादलों ने सुबह कुछ देर बूंदाबांदी की, लेकिन बाद में बादल गहराने के साथ गरजने और बरसने लगे। शाम तक 10.4 मिमी बारिश से जनजीवन ठहर गया और शहर में कई निचले स्थानों पर जलभराव से आवागमन भी प्रभावित रहा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा के कारण आलू की फसल की पिछैती प्रजातियों के झुलसा रोग की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है।
शुक्रवार शाम वायुदाब सामान्य से 11 अंक अधिक रहा, लेकिन आधी रात कर बाद बैरोमीटर सूचकांक में गिरावट आने के साथ सुबह से बूंदाबांदी शुरू हुई तो न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री घटकर 8.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। दोपहर 12 बजे तक मध्यम गति की हवा चलने के साथ मामूली बूंदाबांदी हुई, लेकिन बाद में बादलों ने गरजने के साथ बरसना शुरू कर दिया। आसमान बादलों से घिरा होने के कारण दोपहर को शाम जैसा नजारा बन गया।
बारिश का दौर चार बजे के बाद तक जारी रहने से शहरी जनजीवन में ठहराव आ गया। इस दौरान सड़कों से लेकर बाजार तक चहल-पहल कम हो गई। जो लोग जरूरी कामों से निकले थे, उन्हें जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से पैदा हुई फिसलन का सामना करना पड़ा। हवा में आर्द्रता का स्तर 10 फीसदी बढ़कर 92 प्रतिशत होने से अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री घटकर 18.0 डिग्री सेल्सियस हो गया।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हवा मध्यम गति से चल रही है, लेकिन उसकी रफ्तार बढ़ी तो खेतों में गन्ना गिरने की आशंका बढ़ जाएगी। गेहूं की फसल को बारिश से कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन टमाटर, मूली, पालक, सोया और अन्य लतावर्गीय सब्जियों को नुकसान हो सकता है। जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह के अनुसार धीमी गति से पानी गिरने के कारण खेतों से पानी निकालने की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन मौसम जल्द सामान्य नहीं हुआ तो लगभग 11 हजार हेक्टेयर में बोई आलू की फसल पिछैती झुलसा रोग की चपेट में आ जाएगी।
गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बीते दिन की तुलना में बैरोमीटर सूचकांक शनिवार को सुबह से शाम तक औसतन छह अंक कम रहा। इस कारण हवा धीमी गति से चल रही है और बादल नहीं हट रहे हैं। उनका कहना है कि रात में वायुदाब नहीं बढ़ा तो रविवार को भी बारिश के हालात बने रहेंगे और ऐसी स्थिति मे आर्द्रता का स्तर बढ़ने पर सर्दी के साथ ठिठुरन भी बढ़ेगी।
जलालाबाद में गिरे ओले
जलालाबाद। शनिवार को सुबह से शुरू हुई बारिश से राहत पहुंचने की उम्मीद थी, परंतु शाम को कुछ देर की ओलावृष्टि ने किसानों के चेहरों की रंगत बदल दी। हालांकि ओलावृष्टि कुछ देर ही हुई परंतु इससे फसल को नुकसान की आशंका है।
लगातार बारिश होने से नगर की तमाम गलियों में जलभराव हो गया और तमाम सड़कों पर कीचड़ जमा हो जाने से लोगों को निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि इस बारिश से खेतों में मौजूद गेहूं, मसूर, सरसों के अलावा आलू की फसल को फायदा होने से क्षेत्र का किसान काफी खुश था परंतु शाम करीब पांच बजे मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद तेज गड़गड़ाहट के साथ ओले गिरने शुरू हो गए और करीना दस मिनट की ओलावृष्टि में जमीन पर बर्फ की तह जमा हो गई। गनीमत रही कि कुछ देर में ही इस आपदा पर विराम लग गया, परंतु इसके बाद भी ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। संवाद
बिजली गिरने से किशोर झुलसा
जलालाबाद। शनिवार शाम गांव कुरेबंडा में आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। नाजुक हालत होने के कारण घायल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस गांव के रामइच्छा का 16 वर्षीय बेटा लोकेश शाम करीब पांच बजे ओले गिरने के बाद खेत में खड़ी फसल में हुए नुकसान को देखने था। इसी दौरान तेज गड़गड़ाहट के साथ अचानक गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में लोकेश आ गया। उसका हाथ तथा सीना झुलस जाने से वह वहीं गिर गया। वहां से गुजरे गांव के ही एक व्यक्ति ने उसे पड़ा देखकर घरवालों को सूचना दी। घायल लोकेश को लेकर घरवाले सीएचसी पहुंचे जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। संवाद
शाहजहांपुर में शनिवार को हुई बारिश से खिरनी बाग से कचहरी जाने वाले मार्ग पर भरा पानी । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR