कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते डॉक्टर।
शाहजहांपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने राष्ट्रीय नेेेेेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक हड़ताल रखी और कलक्ट्रेट में दो घंटे का प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया।
धरना के लिए आईएमए के बैनर तले तमाम चिकित्सक पुराने जिला अस्पताल स्थित सीएमओ कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और उन्होंने वहां से अपनी मांगें और नारे लिखी तख्तियां लेकर शांति मार्च के रूप में कलक्ट्रेट की ओर कूच किया। जुलूस में डॉक्टरों के साथ मेडिकल प्रतिनिधि और नर्सिंग स्टाफ भी शामिल हुआ। शांति मार्च का नेतृत्व एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. दीपा सक्सेना ने किया। कलक्ट्रेट में सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. पीके अग्रवाल ने मांगों को पढ़ते हुए बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी आश्वासन पर कोई अमल नहीं किया। इसलिए चिकित्सकों को फिर से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा। पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमशेखर दीक्षित ने क्लीनिकल इस्टेबलिस्मेंट एक्ट की खामियों में सुधार लाने की बात कही और एकल क्लीनिकों को एक्ट से बाहर रखे जाने की मांग दोहराई। डॉ. वसीम हसन खान ने नेशनल मेडिकल काउंसिल गठन पर सरकार को घेरते हुए कहा कि वह एमसीआई को भंग कर चिकित्सा सेवा का नियंत्रण अपने वफादार अधिकारियों को देना चाहती है। डॉ. अनूप अग्रवाल ने कहा कि सरकार को नर्सिंग होम और चिकित्सकों के विरुद्ध होने वाली हिंसा रोकने के लिए तत्काल केंद्रीय कानून लाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. संजीव कनौजिया ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पंजीकृत किए जाने के सरकार को फैसले का विरोध किया। इस मौके पर सचिव डॉ. हिकमत उल्ला सिद्दीकी, डॉ. नीना सिंह, डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. पीएन रस्तोगी, डॉ. रश्मि बहल आदि ने भी विचार रखे। शांति मार्च और धरना-प्रदर्शन में डॉ. यूडी कपूर, डॉ. परविंदर सिंह, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. संजय पाठक, डॉ. वाईके सिंह, डॉ. विकास टंडन, डॉ. शोभा दीक्षित, डॉ. अनवार, डॉ. रमाकांत, डॉ. आनंद अग्रवाल, डॉ. रेशू अग्रवाल, डॉ. एके निगम, डॉ. विजय पाठक, डॉ. मोहित मोहन, डॉ. राकेश दीक्षित, डॉ. डीेएस माथुर, डॉ. रूपेश सेठ समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक, मेडिकल प्रतिनिधि और नर्सिंग स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।