डीएम की गैर मौजूदगी में शनिवार दोपहर एक युवक कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में उनकी कुर्सी पर जा बैठा और जन समस्याएं सुनने का स्वांग करने लगा। इस बीच वहां पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट और डिप्टी कलक्टर ने माजरा भांपकर पुलिस बुला ली। बाद में गलती की माफी मानने पर पुलिस ने बिना कार्रवाई किए उसे उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया। हुआ यह कि शनिवार को डीएम राम गणेश पुवायां में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इस बीच, दोपहर करीब सवा 12 बजे अफसरों जैसी रोबीली छवि का एक युवक डीएम के कार्यालय में पहुंच गया। अमूमन डीएम की गैर मौजूदगी में भी मातहत अधिकारी उनके कार्यालय मे मौजूद रहते हैं, लेकिन उस वक्त दफ्तर में किसी को न देख युवक डीएम की कुर्सी पर बैठ गया। यही नहीं, डीएम समझकर बाहर खड़े लोग उसे अपनी समस्याएं बताने लगे।इस बीच, पुनरीक्षण अभियान का निरीक्षण कर लौटे सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे ने यह हाल देखा तो हक्के-बक्के रह गए। उन्होंने तत्काल कर्मचारियों को बुलाकर युवक को पकड़ लिया। कचहरी चौकी प्रभारी ने उसे हिरासत में लेकर थाना सदर बाजार भेज दिया। सदर इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि युवक थाना पुवायां के गांव नाहिल निवासी सेवानिवृत्त तहसीलदार धर्मप्रकाश मिश्रा का पुत्र योगेश है। वह शहर निवासी अपने बहनोई लेखपाल अनुराग द्विवेदी के पास आया था। घर से निकला और कलक्ट्रेट पहुंच गया। उसके घरवालों ने बताया कि योगेश काफी समय से इलाहाबाद में सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी कर रहा था।