डीएम ने जल निगम अधिकारियों की क्लास ली
जिले में तैनाती के बाद सोमवार को पहली बार डीएम पुष्पा सिंह जनता से सीधे संबंधित 13 पेयजल परियोजनाओं पर जल निगम की सुस्ती, ढिलाई और लापरवाही पर सख्त तेवर में नजर आईं। पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जल निगम के अधिकारियों की कड़ी क्लास ली। दो टूक अंदाज में कहा कि जो परियोजनाएं नहीं चल रही हैं, उसके लिए जल निगम ही जिम्मेदार है। वजह यह कि जल मित्र और आपरेटर रखने से लेकर संबंधित ठेकेदार की देखरेख में साल भर संबंधित गांव में लोगों को पानी की सप्लाई करने की जिम्मेदारी उसी की थी। यदि परियोजना तैयार कर हस्तांतरित करने के दौरान सही नहीं थी तो संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। डीएम ने कहा कि 31 मई तक पेयजल परियोजना सही न कराने पर संबंधित ठेकेदारों को जिले में कोई काम नहीं मिलेगा। सभी बीडीओ अपने ब्लाकों में दो जून को खुद जाकर परियोजनाएं शुरू कराएंगे और इसकी सचित्र रिपोर्ट सौंपेंगे। समीक्षा में डीएम ने पाया कि पिपरौला पेयजल परियोजना का सामान ही गायब हो गया, जिसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई गई। डीएम ने जल निगम अधिकारियों से पूछा कि इसकी जिम्मेदारी किस पर थी ? जवाब में चुप्पी थी। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारी और अन्य की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। बड़ागांव और चौढेरा समेत चार पेयजल परियोजनाओं के बारे में बिजली आपूर्ति की समस्या पाई गई। इस पर डीएम ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को कहा कि यदि बिजली बिल बकाया है तो संशोधित बिल देें, जिसका भुगतान संबंधित ग्राम प्रधान द्वारा किया जाएगा। कोई तकनीकी फाल्ट है तो उसे सही कर बिजली सप्लाई शुरू करा दें। जल निगम अधिकारियों एवं बीडीओ को समझाया कि ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन लेने एवं उसके शुल्क का भुगतान के लिए प्रेरित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे, जिला विकास अधिकारी पीपी त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता जल निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
10 दिनों में हैंडपंप लगाएं, रिबोर करें
शाहजहांपुर। जिले में लगे हैंडपंपों की समीक्षा करते हुए सोमवार को डीएम ने जल निगम को निर्देश दिया कि 15 दिनों में पानी की शुद्धता का मापक किट सभी ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करायें। ग्राम प्रधान प्रतिमाह अपने गांव में स्थापित हैंडपंपों के जल परीक्षण की व्यवस्था करायेंगे और जल निगम उनके पानी का परीक्षण करेगा कि पानी पीने योग्य है या नहीं। हैंडपंपों में जो छोटी-मोटी कमियां होती है, उसे ग्राम प्रधान सही करा लिया करें। खराब और रिबोर योग्य हैंडपंपों की सूची भी डीएम ने यथाशीघ्र मुहैया कराने को कहा ताकि उसका सत्यापन कराया जा सके। इस वर्ष रिबोर होने वाले और नए लगने वाले सभी हैंडपंप का काम 10 दिन में करने को कहा है।
सिर्फ 705 तालाबों में पानी भरा गया
शाहजहांपुर। जिले के 1774 तालाबों में मात्र 705 तालाबों में ही पानी भरा गया है। सोमवार को विकास भवन सभागार में बैठक लेते हुए तालाबों एवं नलकूपों संबंधी मौजूदा स्थिति की समीक्षा में डीएम ने यह तथ्य पाया। उन्होंने कहा कि जिले में सभी 540 नलकूप संचालित हैं तो सूखे तालाबों को नलकूप विभाग भरवाए। जिन क्षेत्रों में राजकीय नलकूप या नहर न हो वहां के ग्राम प्रधान निजी नलकूपों से तालाबों को भरवायें।