पुवायां (शाहजहांपुर)। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सिंधौली के गांव महुआ पाठक स्थित काइनेटिक इंस्टीट्यूट की मान्यता समाप्त करने के लिए संस्त़ुति की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक योगेंद्र मिश्रा की शिकायत पर एडीएम प्रशासन ने जांच की थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने संस्तुति की है।
डीएम ने उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन के सचिव, उत्तर प्रदेश मेडिकल फैकल्टी के सचिव और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को लिखे पत्र में बताया है कि एक नवंबर को काइनेटिक इंस्टीट्यूट में अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। जांच एडीएम प्रशासन को दी गई थी।
एडीएम के साथ डीआईओएस ने 12 नवंबर को इंस्टीट्यूट जाकर प्रबंधक की मौजूदगी में जांच की। जांच में बी फार्मा द्वितीय वर्ष के छात्र विनीत ने तय से ज्यादा फीस मांगने और फीस न दे पाने पर परीक्षा में बैठने से वंचित करने का बयान दिया। बी फार्मा तृतीय वर्ष के छात्र अर्जुन कुमार ने तय से ज्यादा फीस मांगने, फीस की रसीद न देने, मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र जमा कर वापस न करने, खेल मैदान में सरसों बोने, शिक्षक कम होने की बात कही थी। अन्य छात्रों ने भी फीस ज्यादा मांगे जाने आदि के बयान दर्ज कराए थे। इंस्टीट्यूट में करीब 150 छात्र अध्ययनरत हैं।
एडीएम ने जांच रिपोर्ट में लिखा था कि नियमानुसार कॉलेज में संचालित अलग-अलग कोर्स के लिए अलग भवन नहीं है। काइनेटिक इंस्टीट्यूट के प्रधानाचार्य ने डीआईओएस को दिए शपथ पत्र में डिप्लोमा इन फार्मेसी, बैचलर ऑफ फार्मेसी, मास्टर ऑफ फार्मेसीर्माकोलॉजी और मास्टर ऑफ फार्मेसी फार्मास्यूटिक्स कोर्स इंस्टीट्यूट में संचालित करने की बात लिखी है। जांच में छात्र सचिन सिंह, शिवम सिंह, प्रशांत शर्मा से बात करने पर पता चला कि इंस्टीट्यूट में एलएलबी के एडमिशन किए गए हैं। जबकि इंस्टीट्यूट को एलएलबी की मान्यता नहीं है।
प्रबंधक ने जीएनएम की कक्षाओं के लिए भवन अलग होना बताया, लेकिन जांच में पाया गया कि भवन निर्माणाधीन है। इंस्टीट्यूट के पीछे की बाउंड्रीवाॅल नहीं बनी मिली और परिसर क्षेत्र में बिजली के खंभे लगे मिले। इंस्टीट्यूट का मुख्य मार्ग बेहद खराब मिला, चारों ओर जलजमाव के कारण हादसों की आशंका भी है। खेल मैदान में पानी भरा मिला। प्रधानाचार्य ने शिक्षकों की सूची और हाजिरी रजिस्टर, फीस का विवरण भी नहीं दिया।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर पता चलता है कि इंस्टीट्यूट को जिन कोर्स के संचालन की अनुमति दी गई है, उनके लिए पर्याप्त भवन और संसाधन नहीं है। इंस्टीट्यूट का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है। इस कारण इंस्टीट्यूट की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति की गई है।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
एबीवीपी के कुछ लोग सदस्य बनाने के लिए इंस्टीट्यूट आए थे। मैंने उनसे कक्षाएं चलने और कुछ लोगों से आकर बात करने के लिए कहा था, इससे वे लोग नाराज हो गए। मैंने पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं हुई। जांच टीम के साथ कार्यकर्ता भी आए थे, जिसके साक्ष्य हैं। द्वेषवश शिकायतें कर कार्रवाई कराई जा रही है। संस्तुति पर कोई जवाब मांगा जाएगा तो उसे संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।
- विवेक गुप्ता, डॉयरेक्टर काइनेटिक इंस्टीट्यूट
कॉलेज के छात्रों की ओर से लगातार शिकायत आ रही थी। इसको देखने के लिए कॉलेज में गए थे। यहां पर काफी अनियमितताएं पाईं गईं थीं। स्कूल प्रबंधन ने हम लोगों के साथ अभद्रता भी की थी। इसकी शिकायत करने पर डीएम ने मामले की जांच कराई थी। सभी आरोपों की पुष्टि हुई है। प्रबंधन जो आरोप लगा रहा है, वे सभी बेबुनियाद हैं।
- योगेंद्र मिश्रा, जिला संयोजक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद