खुद गोद लिए गांव सिसौआ सोमवार को पहुंची डीएम शुभ्रा सक्सेना ने सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण कार्यक्रम में पंजीकृत बच्चों की सूची देखी। इस सूची में सात बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में दर्ज थे। इन बच्चों को तत्काल चिकित्सकीय देखरेख और पोषक भोजन मुहैया कराने का निर्देश प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिया। शाम तक इसकी पूरी रिपोर्ट तलब देने को कहा।
डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि अति कुपोषित बच्चों को अपने पर्यवेक्षण में रखें। इन बच्चों के माता-पिता के मोबाइल नंबर रखने और उनकी पूरी जानकारी लगातार करते रहें। जिस बच्चे को इलाज की जरूरत है तो उसे जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में तत्काल भर्ती कराकर पूरा इलाज कराने को कहा। डीएम ने कहा कि गांव में कोई भी बच्चा अति कुपोषित श्रेणी में नहीं होना चाहिए। मौके पर मौजूद अति कुपोषित बच्चे सैफ के पिता और सुजीत की मां को बुलाकर पोषण के विषय में समझाया ताकि बच्चे का अच्छी तरह शारीरिक व मानसिक विकास हो सके।
डीएम ने ग्राम प्रधान नसरीम बेगम से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाले बच्चों का वो भी ध्यान रखें। कमजोर बच्चों को अतिरिक्त खुराक देने का सहयोग करें। डीएम की पहल पर आंगनबाड़ी केंद्र को आकर्षित बनाने के लिए आईडीबीआई बैंक द्वारा बच्चों को बैठने के लिए डेस्क एवं टेबल, खिलौने, झूले एवं पठन-पाठन हेतु विभिन्न सामान्य जानकारी के पोस्टर दिए गए।