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जेल में बंद परिजन से मुलाकात को तरस रहे लोग, जताई नाराजगी

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शाहजहांपुर के जेल गेट के बाहर मिलाई के लिए खड़े बंदीओं के परिजन । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से मुलाकात पर पिछले लगभग एक साल से रोक लगी हुई है। शासन के आदेश पर 20 मार्च 2020 को जेल प्रशासन ने बंदियों से उनके परिजन व परिचितों की मुलाकात पर रोक लगा दी थी। सिर्फ बंदियों के लिए खाने का सामान अंदर भेजने की सुविधा है। उसको भी 36 घंटे के बाद बंदी को दिया जाता है। वहीं बंदियों से मुलाकात न हो पाने से उनके परिजन काफी निराश और नाराज हैं। शुक्रवार को भी ऐसे कई लोग जेल में निरुद्ध बंदियों से मुलाकात करने पहुंचे, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया और फोन पर ही बातचीत कराने के बाद वापस भेज दिया। इस दौरान कुछ महिलाएं जेल में बंद अपने पति, बेटे और भाई से मुलाकात न हो पाने को लेकर भावुक भी हो गईं ओर सरकार से मिलाई पर लगाई गई रोक को हटाने की मांग की।
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परिवार वालों ने कहा-रोक समाप्त हो
मेरा बेटा पिछले पांच साल से जेल में बंद है। उससे मुलाकात के लिए हर महीने आते हैं, लेकिन एक साल से जेल प्रशासन उनके बेटे से मिलाई नहीं करवा रहा। कहा जाता है कि कोरोना की वजह से मिलाई पर रोक है। अब रोक हटनी चाहिए।
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झगड़ा करने पर उनके पति को पुलिस पकड़कर ले आई थी और जेल में बंद कर दिया गया। एक महीने से वह जेल में बंद हैं। उनके मुलाकात के लिए आते हैं, लेकिन हर बार सिर्फ बातचीत कराई जा रही है। रोक को समाप्त किए जाने की जरूरत है।
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चार साल से मेरा भाई जेल में बंद है। उस पर हत्या का मुकदमा चल रहा है। पिछले एक साल से उससे मुलाकात नहीं हो सकी है। अब कोरोना का प्रकोप खत्म हो गया है, तो मुलाकात पर भी रोक हटनी ही चाहिए।
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साढू को अफीम के साथ पकड़ा गया था, दो महीने से वह जेल में हैं। उनसे मुलाकात के लिए आए थे, मगर सिर्फ बातचीत ही हो पाई है। कुछ खाने का सामान था, उसको जेल प्रशासन ने लेकर रख लिया है।
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जिला कारागार में मेरे पति बंद चल रहे हैं। जब से बंद हुए, तब से एक बार भी उनसे मुलाकात नहीं हो पाई। जेल प्रशासन को अब मुलाकात पर लगी रोक को हटा देना चाहिए, लोग अपने परिजन का चेहरा तो देख सकें।
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कोराना संक्रमण के चलते जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से मिलाई पर रोक है। शासन से आदेश प्राप्त होने तक रोक जारी रहेगी। परिजन की बंदियों से फोन पर ही बात कराई जाती है। इसके साथ ही उनके लिए आने वाली खाने और जरूरत की वस्तुओं को अंदर पहुंचाने की सुविधा है। उसको भी 36 घंटे तक सैनिटाइजेशन के लिए रखा जाता है ताकि कोरोना संक्रमण को जिला कारागार में फैलने से रोका जा सके। वर्तमान समय में कोई भी कोरोना संक्रमित जिला कारागार और अस्थायी जेल में नहीं है। - राकेश कुमार, जेल अधीक्षक
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