तिलहर विधायक ने दौरा कर देखी मरीजों की बदहाल स्थिति, सीएमएस को चेतावनी
- मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी जिला अस्पताल की रिपोर्ट
- एक मरीज की शिकायत पर विधायक ने किया था दौरा
सूबे में नई सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरने की उम्मीदाें पर जिले का स्वास्थ्य महकमा पलीता लगा रहा है। सीएचसी और पीएचसी को तो छोड़िए जिला अस्पताल में ही मरीज इलाज के लिए तरस रहे है। लगातार मरीजों की अनदेखी की शिकायत पर तिलहर विधायक रोशनलाल वर्मा ने जब मंगलवार दोपहर को जिला अस्पताल का दौरा किया, तो उन्होंने इलाज से ज्यादा मरीजों को दर्द झेलते देखा। किसी ने बाहर से दवा लिखने की शिकायत की तो कोई डॉक्टर के सही से चेकअप न करने को लेकर दुखी था। अस्पताल के हालात पर विधायक ने तल्ख लहजे में सीएमएस से पूछा, सीएमएस साहब! यहां तो दर्द ही दर्द है, दवा कहां? सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए हैं और उनका यहां पर यह हाल है। अब बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होेंने मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजने के साथ ही व्यवस्थाओं में सुधार लाने की चेतावनी दी।
सिंधौली क्षेत्र के गांव महाऊ महेश निवासी सुखपाल ने अपने पिता बुधपाल को तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधपाल को गदूद बढ़ जाने और पेट में पथरी की शिकायत है। उनका इलाज डॉ. अनिल राज की देख-रेख में चल रहा है। सुखपाल का आरोप है कि जरूरत होने के बावजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। इससे पहले भी वह पिता को आठ दिन जिला अस्पताल में भर्ती करा चुका था। मंगलवार को ऑपरेशन के लिए मना करने पर सुखपाल ने विधायक रोशनलाल से शिकायत की।
अस्पताल में लापरवाही और पिता की बीमारी का दर्द बयां करते हुए सही इलाज की गुहार लगाई तो विधायक कुछ समर्थकों के साथ दोपहर एक बजे जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सीएमएस डॉ. केशव स्वामी और इलाज कर रहे डॉ. अनिल राज से सख्त लहजे में कहा कि यह सब नहीं चलेगा। गरीबों के लिए अस्पताल है और गरीबों का ही इलाज नहीं हो रहा है। विधायक के कड़े रुख के बाद मरीज के ऑपरेशन का आश्वासन दिया गया। इसके बाद विधायक जब इमरजेंसी में भर्ती मरीजों के पास पहुंचे, तो यहां ज्यादातर मरीजों का दर्द छलक आया। मरीजों ने अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लाने को लिखी गईं पर्चियां भी दिखाईं। इनमें ज्यादातर पर्चियां डॉ. अनिल राज के हाथ की लिखी हुईं थीं। कुछ मरीजों ने बताया कि डॉक्टर राउंड पर आते तो हैं, लेकिन मरीजों की दिक्कतों को सुने बिना ही चले जाते हैं। इसके अलावा और भी मरीज और उनके तीमारदार आ गए। उन लोगों ने अस्पताल स्टाफ की लापरवाही और अव्यवस्थाओं को उजागर किया तो विधायक ने सीएमएस से पूछा कि यहां तो दर्द ही दर्द है, दवा कहां है। हालांकि इसके बाद सीएमएस ने विधायक को आश्वासन दिया कि आगे से मरीजों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिलेगी।
विधायक जी, मेरा भी दर्द सुन लीजिए
दृश्य - एक
हालत में सुधार नहीं, फिर भी डिस्चार्ज
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती पंकज द्विवेदी हरदोई के पिहानी क्षेत्र के रेगांव के रहने वाले हैं। फेफड़ों में पानी है, दिल में छेद की शिकायत है। आरोप है कि इलाज में सुधार होने के बाद भी यहां से उन्हें डिस्चार्ज कर दिया था। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो दोबारा बमुश्किल एडमिट किया और अब डिस्टार्ज की बात कह रहे हैं।
दृश्य-दो
तीन दिन से पेट दर्द ज्यों का त्यों
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मुन्नी देवी पत्नी रामऔतार पीलीभीत के बीसलपुर मोहल्ला दुबे की रहने वालीं हैं। उनके पेट में पानी है। उन्हें तीन दिन पहले यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पेट का ऑपरेशन होगा या केवल दवा इंजेक्शन से फायदा होगा, इस बारे में डॉक्टर कुछ भी नहीं बताते हैं। पेट दर्द ज्यों का त्यों है।
दृश्य - तीन
दोपहर तक नहीं मिला मरीज को बेड
ट्रामा सेंटर पर लेटी सलोनी पुत्री रवेंद्रपाल कलान के गांव कुतरासी की रहने वाली है। 21 मई को इंजन के पटे की चपेट में आकर घायल होई। कलान सीएचसी पर सुधार नहीं होने पर मंगलवार को घर वाले उसे जिला अस्पताल लाए। सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक उसे अभी तक बेड मुहैया नहीं कराया गया।
दृश्य - चार
मरीज को नहीं मिली दलिया
सिंधौली के रज्जाकपुर निवासी सुनील कुमार के 11 माह के बेटे धीरेंद्र को तीन दिन से बुखार की शिकायत है। आरोप लगाया कि बेड की तीन दिन से चादर नहीं बदली गई और न ही दलिया दी गई, जबकि मरीजों दलिया, खाना सब कुछ मिलता है। इस पर सीएमएस ने दलिया न मिलने के आरोप का खंडन किया।
बेड खाली, फिर भी कह दिया नहीं है बेड
विधायक जिला अस्पताल में जब मरीजों की पीड़ा सुन रहे थे, तभी उनके कॉलेज की टीचर सुषमा शर्मा अपनी जेठानी मोहल्ला रंगमहला निवासी विनीता शर्मा को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। विनीता के कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। इसलिए उन्होंने विधायक से सही इलाज की सिफारिश की। विधायक सिफारिश करने के बाद वार्ड के अंदर चले गए। टीचर ट्रामा सेंटर में जेठानी को भर्ती कराने पहुंची तो उनसे कहा गया कि बेड खाली नहीं है। विधायक को जानकारी मिली, तो वह फिर सख्त हो गए और अस्पताल स्टाफ तथा सीएमएस को खरीखोटी सुनाई। इसी तरह से बंडा के गांव सदापुर बेवहा निवासी निर्माला देवी पत्नी आकाश, गदियाना चुंगी निवासी अल्का राठौर पत्नी सर्वेश राठौर भी इलाज के लिए भटकती रहीं। उनका दर्द भी विधायक ने सुनकर उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती करने को कहा।
खाने में भी है गोलमाल
विधायक रोशनलाल ने दवा कक्ष के पास रसोईघर पहुंचकर मरीजों के दिए जाने वाले खाने के मीनू के बारे में भी जानकारी। उन्होंने पूछा कि कितने मरीजों का खाना बनता है, इस पर बताया गया कि 150 लोगों के लिए खाना बनता है और इसमें सात किलो चावल, 150 किलो आटा और आठ किलो दाल की खपत होती है। मरीजों को दो दाल और एक सब्जी व दाल-चावल दी जाती है, लेकिन मेन्यू के सवाल पर रसोईघर के हेड सुशील सही जानकारी नहीं दे पाए। इस पर विधायक ने कहा कि इसमें भी कुछ न कुछ गोलमाल हो रहा है।