जिला अस्पताल डेंगू समेत कई अन्य रोगों के मरीजों से फुल हो गया है। मरीजों को ट्रामा सेंटर से अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों के परिवार वालों ने बिस्तर जमीन पर लगा लिटा दिया है। ज्यादातर मरीज बुखार से ग्रसित हैं। डेंगू की पुष्ठि के लिए आठ मरीजों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। कुल मिलाकर डेंगू के लक्षण वाले करीब 165 मरीज अब तक जिला अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। मंगलवार को डेंगू संभावित 10 मरीजों को भर्ती किया गया।
बुखार, टाइफाइड, वायरल और डेंगू के लक्षण वाले मरीज बड़ी संख्या में रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पहले की उपेक्षा मरीजों की संख्या चार गुना हो गई है। सुबह होते ही अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लाइन पर्चा बनवाने के लिए लग जाती है। अस्पताल सिर्फ एक फिजीशियन डॉ. अनिल राज के सहारे चल रहा है। बुखार के मरीजों की लाइन उनके कमरे के बाहर लग जाती है। यही हाल जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर का है। बुखार से गंभीर मरीज ट्रामा सेंटर पहुंच रहे हैं। मरीजों को भर्ती करने लिए अस्पताल के वार्डों में बेड नहीं बचे हैं। मरीजों को शिफ्ट करने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर कुछ लोग भीड़ को देखकर अपने मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती करा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भी कोई अतिरिक्त बेड का इंतजाम नहीं कर रहा है। जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब तक डेंगू के लक्षण वाले 165 मरीज हो चुके हैं भर्ती
जिला अस्पताल में अब तक डेंगू के लक्षण वाले 165 मरीज भर्ती कराए जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर ठीक होकर जा चुके हैं। 24 मरीजों को डेंगू की जांच की पुष्टि के लिए उनके सैंपल लखनऊ जांच के लिए भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट अभी आनी है। मंगलवार को भी आठ मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। भर्ती होने वाले मरीजों की प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम आ रही है।
अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या आम दिनों की उपेक्षा चार गुना बढ़ गई है। मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं होने से काफी समस्या हो रही है। शासन से बैठ बढ़ाने के कोई निर्देश नहीं आए हैं।
- डॉ. केशव स्वामी, सीएमएस
कैमहरिया के अस्पताल की नर्स और उसके पति को डेंगू
इलाज के लिए भेजा गया ब्लड सैंपल लखनऊ
खुटार। क्षेत्र में डेंगू और दिमागी बुखार का कहर बढ़ता जा रहा है। गांव कैमहरिया के सरकारी अस्पताल में तैनात बीएचडब्ल्यू नेहा और उनके पति को डेंगू के चलते लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खुटार क्षेत्र में डेंगू और बुखार से अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है।
नेहा खुटार कस्बे में गोला रोड पर किराए के मकान में रहती हैं। वह संविदा पर गांव कैमहरिया के सरकारी अस्पताल में बीएचडब्ल्यू हैं। दो दिन पूर्व उन्हें बुखार आ गया था। बाद में उनके पति संजय राठौर भी बीमार हो गए। जांच में दोनों को डेंगू पाए जाने पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया।
डेंगू और बुखार के कारण गांव भरकलीगंज में शनिवार को शहाबुद्दीन की आठ वर्षीय पुत्री अमन की डेंगू से मौत हो गई थी। 17 सितंबर को इसी गांव के फहीम के पुत्र अब्दुल की भी मौत हो चुकी है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी खुटार के सरकारी अस्पताल को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इससे पूर्व खुटार के मोहल्ला पूर्वी गढ़ी निवासी प्रदीप कुमार की बुखार से दिल्ली में मौत हो चुकी है। मैलानी निवासी शिवा की पुत्री तीन वर्षीय सना की छह सितंबर को अपने नाना खुटार के मोहल्ला सरोजनी नगर निवासी गुलशेर के घर बुखार से मौत हो चुकी है। गांव इटौआ निवासी रामचरन के पुत्र ब्रजेश की मौत दिमागी बुखार से हो चुकी है। डेंगू और दिमागी बुखार से लगातार हो रही मौतों से लोग दहशत में हैं।
पालिका ने कराया नगर में दवा का स्प्रे
जलालाबाद। वायरल समेत डेंगू बुखार के बढ़ते प्रकोप को लेकर नगर पालिका ने कस्बे में न्यूबान दवा के स्प्रे का कार्य तेजी से शुरू करा दिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए ईओ एनके गुप्ता ने बताया कि नगर के कुल 25 वार्डों में से 18 में स्प्रे कार्य कराया जा चुका है और जल्द ही शेष वार्डों में भी यह काम पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मोहल्ले में साफ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विशेष सफाई अभियान भी चलाया जायेगा।