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जिला प्रशासन के मौन से भाकियू कार्यकर्ता भड़के

Sat, 27 Jun 2015 11:48 PM IST
शाहजहांपुर।
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चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान सहित कई मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में आमरण अनशन कर रहे भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ता श्रीकृष्ण और धनपाल सिंह के स्वास्थ्य में गिरावट से यूनियन कार्यकर्ता शनिवार को भड़क उठे। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए डीएम आवास जाने की कोशिश की, लेकिन अफसरों के समझाने पर नहीं गए। धरने पर भाकियू राष्ट्रवादी गुट के कार्यकर्ताओं ने अनशन का समर्थन किया।
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गत 12 दिन से कलक्ट्रेट में धरना पर डटे भाकियू कार्यकर्ताओं में शनिवार को उबाल आ गया। तीन दिन से अनशन पर बैठे दो कार्यकर्ताओं की सेहत गिरने की बात कहते हुए कार्यकर्ताओं का समूह निर्णायक वार्ता के लिए डीएम आवास पर जाने को उठ खड़ा हुआ। जानकारी पाकर प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव और सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव धरना स्थल पर पहुंच गए। अफसरों ने कार्यकर्ताओं को डीएम आवास जाने से रोका तो मंडल महासचिव रमेश गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारियों से नोकझोंक होने लगी। बाद कार्यकर्ताओं ने डीएम आवास पर जाने का इरादा छोड़ दिया।
इससे पूर्व प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट ने भाकियू पदाधिकारियों को वार्ता का न्यौता भेजा था, लेकिन उसे ठुकराते हुए भानु गुट के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने वहां लाउडस्पीकर से पंचायत शुरू करा दी। कहा कि पिछले दिनों 17 दिन धरना देने पर मिले आश्वासन अभी तक पूरे नहीं हुए। इसलिए किसी भी अधिकारी से वायदों की यूनियन को कोई जरूरत नहीं है। जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव ने जिला प्रशासन को किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बताया।
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जिला महासचिव राशिराम वर्मा के संचालन में करीब दो घंटे तक चली पंचायत में श्याम किशोर अग्रिहोत्री, वीरेंद्र यादव, शिवकुमार सिंह चौहान, गगनदीप माटा, महेंद्र सिंह, मुन्ना लाल, दंगल सिंह यादव आदि भाकियू नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

राष्ट्रवादी गुट ने समर्थन में दिया धरना
कलक्ट्रेट में भानु गुट की पंचायत के बीच भाकियू राष्ट्रवादी गुट के जिलाध्यक्ष मुनेश्वर दयाल कठेरिया भी जा पहुंचे और अनशन को समर्थन की घोषणा करके धरना शुरू कर दिया। इस दौरान राष्ट्रवादी गुट के शकील मंसूरी, रमेश वर्मा, नन्हें लाल, सत्यपाल, रामऔतार, पातीराम आदि रहे।

मूसल, बेलन और दरांती लेकर पहुंची महिलाएं
भाकियू के आंदोलन में कार्यकर्ताओं के परिवार की महिलाओं ने भी योगदान किया। महिलाएं मूसल, बेलन, दरांती आदि घरेलू हथियार लेकर कलक्ट्रेट जा पहुंची। पंचायत में अफसरों की आलोचना होते ही महिलाओं का समूह मूसल, बेलन हवा में लहराने लगा।

डॉक्टरों ने जांची अनशनकारियों की सेहत
जिला अस्पताल की टीम ने तीन दिन से अनशन कर रहे लोगों की जांच की। डॉ. साजिद हुसैन और डॉ. कलीम अहमद ने श्रीकृष्ण और धनपाल सिंह का वजन, ब्लड प्रेशर और पल्स रेट चेक किया। परीक्षण में अनशनकारियों का बीपी कम पाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत अभी सामान्य है।
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