सुरक्षित मातृत्व सप्ताह के विशेष अभियान के तहत जिले में 14 अक्तूबर से जारी अभियान के क्रम में बृहस्पतिवार शाम तक कुल 21232 के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 20169 गर्भवती महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया गया। इनमें से 1512 गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क श्रेणी में पाई गईं। इनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने के साथ ही शारीरिक रुग्णता, सही खानपान की कमी और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर संकट के लक्षण पाए गए हैं।
शुक्रवार को अभियान पूरा होने के बाद हाईरिस्क वाली चिन्हित हुई सभी गर्भवती महिलाओं का जिला अस्पताल या निकटवर्ती पीएचसी या सीएचसी पर नए सिरे से इनकी जांच होगी। उसके आधार पर सभी की चिकित्सकीय निगरानी में प्रसव होने तक दवा और पोषाहार वितरण जारी रहेगा। जिले में इस अभियान के तहत बीते सितंबर माह तक सर्वे में चिन्हित कुल 30899 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित है। अभी तक जिले में सबसे ज्यादा हाईरिस्क वाली गर्भवती महिलाएं बंडा में मिली हैं। वहां इनकी संख्या 184 है। यही संख्या ददरौल में 162, तिलहर में 152, खुदागंज - कचरा में 150 और सिंधौली में 118 है। इस श्रेणी में सबसे कम संख्या खुटार क्षेत्र में मिली है। वहां ऐसी 41 गर्भवती महिला मिली हैं जबकि भावलखेड़ा में यही संख्या 84 मिली है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लक्ष्मण सिंह ने बताया कि अभियान में जांच या परीक्षण से छूटी रह गई गर्भवती महिलाओं का 23 और 24 अक्तूबर को विशेष अभियान चलाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
अभियान जांचने खिरिया पाठक पहुंचे डीएम
जिले में चल रहे सुरक्षित मातृत्व सप्ताह द्वितीय चरण के अंर्तगत बृहस्पतिवार को डीएम राम गणेश सीएमओ डॉ. कमल कुमार के साथ विकास खंड सिंधौली के ग्राम खिरिया पाठक में पहुंचे और हकीकत जानी। मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री तारा देवी अनुपस्थित मिलीं। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनकी सेवा समाप्ति हेतु नोटिस देने के निर्देश दिये। पाया कि गांव में कुल 19 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। जिसमें अब तक 10 की सभी प्रकार के जांचें हो चुकी हैं। शेष बची नौ गर्भवती महिलाओं को घरों से बुलाया गया है। एएनएम शायरा परवीन ने बताया कि सभी उपकरण ठीक हैं और अभी तक दो गर्भवती महिलायें हाई रिस्क कैटेगरी पायी गयी हैं।