बंडा के गांव पटनी निवासी सिमरजीत सिंह और उनकी मंजीत कौर का फोटो। संवाद
- फोटो : सामौर बाबा धाम में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर प्रस्तुति देते कलाकार। स्रोतः प्रशासन
पुवायां। कनाडा में लेन-देन के मामले में पुवायां थाने का एक दरोगा और सिपाही एक पक्ष के साथ बंडा क्षेत्र में रुपये दिलाने पहुंच गए। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि दरोगा ने उनसे धक्कामुक्की की और दस लाख रुपये देने के लिए कहा।
बंडा के गांव पटनी निवासी सिमरजीत सिंह और उनकी पत्नी मंजीत कौर ने सीओ को भेजे प्रार्थनापत्र में बताया कि वे लोग घर पर अकेले रहते हैं। उनका पुत्र मनप्रीत सिंह कनाडा में रहकर मकान निर्माण का कार्य करता है। उनके पुत्र ने कनाडा में रहने वाली भारत की एक महिला से किसी काम का ठेका लिया था। करार के खिलाफ काम कराने पर उनके पुत्र का महिला से कनाडा में ही विवाद हो गया।
मंगलवार सुबह महिला का भाई कई लोगों और पुवायां थाने के एक दरोगा और एक सिपाही के साथ तीन गाड़ियों से उनके घर पहुंचा। दरोगा ने उनसे और पत्नी से धक्कामुक्की करते हुए महिला के भाई को दस लाख रुपये देने के लिए कहा। आरोप है कि दरोगा और सिपाही के गाली-गलौज करने के दौरान साथ आए एक युवक ने फायर भी कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने युवक को फायर करने से मना किया और रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी देते हुए चले गए। घटना से बुजुर्ग दंपती बेहद सहम गए और दोपहर बाद सीओ से शिकायत करने पहुंचे। सीओ के कार्यालय में न मिलने पर प्रार्थनापत्र व्हाट्सएप से भेजकर कार्रवाई की मांग की।
दंपती ने कहा कि उनके साथ कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कनाडा की महिला के पुवायां क्षेत्र में रहने वाले परिजनों और दरोगा-सिपाही की होगी।
इस तरह का कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला है। शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।
-प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां