गर्रा घाट पर बैठने को डाली गई बेंच पर गिरता गंदा पानी । संवाद
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शाहजहांपुर। एक तरफ सरकार नदियों को प्रदूषण से मुक्त कर निर्मल बनाने के लिए प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर में गर्रा नदी में गंदे पानी को नदी में बहाया जा रहा। नगर निगम के अधिकारियों की जानकारी में पूरा मामला होने के बाद वह चुप्पी साधे हुए बैठे हैं। नदी में वेडिंग जोन और आसपास का गंदा पानी बहाया जा रहा। खास बात यह है कि जिस जगह पर बेंचें पड़ी हैं। उसी के पीछे गंदा पानी बहता है।
नदियों को स्वच्छ बनाने के प्रयास को नगर में पलीता लग रहा है। नदियों में भैंसें गंदगी फैला रही हैं, साथ ही कूड़ा-करकट भी अधिक होने से नदियों का हाल खराब हो गया। गर्रा नदी को देख लीजिए, नदी के किनारे भैंसों ने गंदगी करती हैं। दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा बनाए गए वेडिंग जोन का गंदा पानी भी पाइप के जरिये नदी में गिर रहा है। नदी में गंदे पानी को भेजने का इंतजाम व्यापारियों ने नहीं किया, बल्कि नगर निगम के अफसरों ने यह सुविधाजनक रास्ता निकाला।
गर्रा नदी के किनारे पहले जिस जगह पर बेंचें डालकर बैठने का स्थान बनाया था। उन्हीं बेंचें के पीछे गंदे पानी के बहने के लिए पाइप डाल दिए। पाइपों से तेज रफ्तार आने वाले पानी से आसपास की जमीन गीली हो जाती है। पानी के कारण बेंचों पर लोग बैठना तक मुनासिब नहीं समझते हैं। नगर निगम के अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-गर्रा पुल के ऊपर सब्जी और फल मंडी है। वहां पर गंदा पानी होने का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी एक बार निरीक्षण करवा लेंगे। -संतोष शर्मा, नगर आयुक्त