शाहजहांपुर। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद चेकिंग अभियान में कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी में मिलीं अनियमितता के बाद शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। डीआईओएस ने 11 और फायर यूनिट ने 25 कोचिंग संचालकों को नोटिस भेजकर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
जिले में 156 कोचिंग का संचालन होता है। लखनऊ अग्निकांड के बाद नगर मजिस्ट्रेट और दमकल विभाग ने कोचिंगों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। तमाम जगहाें पर मानक के अनुरूप आग से बचाव के संसाधन नहीं मिले थे। कहीं अग्निशमन यंत्र पर्याप्त नहीं मिले तो कहीं पर संकरे मार्ग मिले थे।
नगर मजिस्ट्रेट ने पुलिस लाइन के पास जर्जर मिली लाइब्रेरी को तुरंत ही बंद करने के निर्देश दिए थे। डीआईओएस कार्यालय से 11 कोचिंग संचालकों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश के साथ नोटिस जारी किए गए हैं। दूसरी ओर फायर यूनिट ने 25 कोचिंग संचालकाें को नोटिस देने के साथ ही उसकी प्रति डीआईओएस कार्यालय भेजी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार ने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए हैं कि मुख्य बाजारों से लेकर गली-कूचों व मोहल्लों में संचालित होने वाले प्रत्येक कोचिंग केंद्र को एक माह के भीतर सभी तय मानकों को पूरा करना होगा। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रथम अपराध के लिए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख तक का जुर्माना लगाएंगे। फिर भी सुधार नहीं होने पर पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
बिना पंजीकरण नहीं चलेगी कोचिंग
डीआईओएस ने बताया कि बिना पंजीकरण के काेई भी कोचिंग संचालित नहीं होगी। शत-प्रतिशत सफलता व रैंक की गारंटी देने वाले भ्रामक विज्ञापनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। स्कूल समय में कोचिंग नहीं चलाई जाएगी। स्नातक से कम योग्यता वाले शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाएंगे। फीस की रसीद देना अनिवार्य है। बीच में पाठ्यक्रम छोड़ने पर शेष अवधि की आनुपातिक फीस 10 दिनों में वापस करनी होगी।
फायर सुरक्षा के इंतजाम करना होंगे
कोचिंग संचालकों को फायर सुरक्षा व भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। परिसर में सीसी कैमरों लगना जरूरी है। छात्र-छात्राओं के लिए अलग प्रसाधन व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी करनी होगी।