शाहजहांपुर। बिजली निगम में संविदा पर कार्यरत 20 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी को लेकर शुक्रवार शाम तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर यह है कि 580 के बजाये 613 कर्मचारी काम करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, शेष के लिए मुख्यालय स्तर से तय होगा।
जिले के 43 विद्युत उपकेंद्र पर 894 संविदा कर्मी तैनात हैं। मध्यांचल निगम से 20 प्रतिशत कर्मियों की छंटनी करने के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक चरण में 314 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए सूचीबद्ध किया था। अधिकारी बता रहे थे कि एक फरवरी से मात्र 580 कर्मचारी ही काम करेंगे। इसे लेकर कर्मचारी पसोपेश में हैं। उन्हें अपने बाहर होने का डर सताने लगा है। कर्मियों की मानें तो अधिकारियों ने जेई से सूची मांगी थी। इसमें 55 साल के ऊपर और दो साल काम करने वालों के नाम शामिल करने के लिए निर्देश दिए गए थे। शनिवार शाम तक कर्मियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। एसई जेपी वर्मा ने बताया कि पहले 580 कर्मी रखे जाने थे। इसे बढ़ाकर 613 कर दिया है। शेष को लेकर मुख्यालय स्तर से कार्रवाई चल रही है।
आज का धरना स्थगित, दस को एमडी कार्यालय घेरेंगे
विद्युत संविदा मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवल किशोर सक्सेना व जिलाध्यक्ष मुनीश पाल ने बताया कि एक फरवरी से छंटनी के विरोध में मंडल स्तर पर होने वाले कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों की मुख्य अभियंता से वार्ता के बाद बताया कि छंटनी का आदेश नीतिगत है, जो प्रबंध निदेशक लखनऊ के द्वारा वापस लिया जाएगा। दस फरवरी को लखनऊ में प्रबंध निदेशक के कार्यालय के बाहर विशाल सत्याग्रह किया जाएगा। इसमें प्रत्येक मंडल के कार्यकर्ता शामिल होंगे।