खुटार। प्रयागराज महाकुंभ में हादसे के बाद से लापता गांव दिलीपपुर के नन्हेलाल का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं चल सका है। नन्हेलाल के साथ गए उनके तमाम साथी निराश होकर शुक्रवार देर शाम प्रयागराज से शाहजहांपुर रवाना होने की तैयारी में थे।
नन्हेलाल गांव के लगभग 25 श्रद्धालुओं के साथ 27 जनवरी को ट्रेन से प्रयागराज गए थे। उनके साथ गांव के परसादीलाल, साेनू, मुकेश, ईश्वरवती, संजू देवी, सुचित कुमार, छोटेलाल, रामसेवक, सिंधौली के गांव मुड़िया निवासी पवनीश सहित 25 श्रद्धालु भी गए थे। 28 जनवरी को सभी लोग महाकुंभ पहुंच गए थे और रात में घाट के नजदीक सो गए थे। आधी रात के बाद हादसे होने के बाद से नन्हेलाल लापता हो गए थे। साथ गए श्रद्धालुओं ने उनकी काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चलने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दो दिन तक साथी महाकुंभ में नन्हेलाल की तलाश में जुटे रहे लेकिन कोई पता नहीं चलने पर शुक्रवार शाम को वापस आने की तैयारी कर ली है।
नन्हेलाल का पता नहीं लगने से पत्नी गीता देवी, मोहित कुमार, शोभित, अजय कुमार, रोहित और पुत्री ज्योति का रो-रोकर बुरा हाल है। नन्हेलाल के साथ गए सोनू आदि ने बताया कि पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नन्हेलाल का पता चलने पर सूचना दी जाएगी। पत्नी गीता देवी ने बताया कि उनके पति का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
कागज पर लिखा था साथियों का मोबाइल नंबर
दिलीपपुर से महाकुंभ गए कई लोगों के पास मोबाइल नहीं था। महाकुंभ पहुंचने पर ऐसे श्रद्धालुओं को अन्य साथियों ने कागज पर मोबाइल नंबर लिखकर दे दिए थे, जिससे मेले में खोने की स्थिति में किसी के मोबाइल से कॉल कर संपर्क किया जा सके। नन्हेलाल ने अभी तक किसी साथी के मोबाइल पर संपर्क नहीं किया है, इससे साथियों और परिजनों की चिंता बढ़ गई है।