पुवायां। गंगसरा गांव के एक परिवार की महिलाएं तीसरे दिन रविवार को भी सीओ कार्यालय के सामने धरने पर बैठी रहीं। इस दौरान पुलिस वाले महिलाओं को मनाने की कोशिश में लगे रहे। शाम को एसडीएम और सीओ ने बातचीत के बाद धरना समाप्त करा दिया।
गौरतलब है कि गांव गंगसरा निवासी सोनपाल की पत्नी गिरेशवती और उसकी देवरानी वीरपाल की पत्नी महेश्वरी ने गांव के अजंतर सिंह आदि के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए शिकायत पर मारपीट, गाली गलौज करने का आरोप लगाते हुए एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ कर ली है। इसी कारण कुछ दिन पूर्व कोतवाली जाने पर एक दरोगा ने उनसे गाली गलौज करते हुए हिरासत में भी ले लिया था। उन लोगों को बमुश्किल छोड़ा गया। आरोपी और उसके वाहन चालक आदि उन लोगों को जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। उसने कोतवाली के अलावा सीओ से भी शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मजबूरन शुक्रवार को परिवार सहित सीओ कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन पर बैठना पड़ा है।
शुक्रवार देर शाम उसे और उसकी देवरानी को पुलिस ने बच्चों के सामने पीटा और जबरिया गाड़ी में डालकर घर छुड़वा दिया। शनिवार को गिरेशवती और महेश्वरी बच्चों के साथ फिर सीओ कार्यालय के सामने पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। दोपहर में कोतवाली पहुंची एएसपी अपर्णा गौतम ने दोनों को वार्ता के लिए कोतवाली बुलाया लेकिन गिरेशवती ने कहा कि एएसपी धरना स्थल पर ही आकर वार्ता करें। इसके बाद एएसपी वापस जिला मुख्यालय लौट गईं। रविवार को गिरेशवती सांसद से मिलकर पूरे मामले की जानेकारी देने और मदद की गुहार लगाने चली गई, जबकि महेश्वरी बच्चों के साथ धरने पर मौजूद रही। पुलिस ने बैकडोर से उसे मनाने का प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बन सकी।
शाम पांच बजे एसडीएम सौरभ भट्ट, सीओ प्रवीण कुमार, कोतवाली प्रभारी जसवीर सिंह ने एक कॉलेज में महिलाओं को बुलाकर वार्ता की। तय किया गया कि महिलाओं की जमीन की सोमवार को पैमाइश कराई जाएगी और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इसके बाद गिरेशवती और महेश्वरी ने धरना समाप्त कर दिया। धरना समाप्त होने पर पुलिस ने चैन की सांस ली।
महिलाओं को समझाया गया, इसके बाद वह धरना समाप्त करने पर राजी हो गई हैं। समस्याओं का न्यायोचित समाधान कराया जाएगा।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां