उप्र गन्ना शोध परिषद के संस्थान पर किसानों को प्रशिक्षण देते वैज्ञानिक। संस्था
शाहजहांपुर। चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग की ओर से प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए वृहद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उप्र गन्ना शोध परिषद की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कानपुर तथा जौनपुर के 50-50 किसानों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के बाद परीक्षा ली गई जिसमें कानपुर के धर्मेंद्र प्रथम, मुकेश द्वितीय तथा कृष्ण कुमार को तृतीय पुरस्कार मिला।
इससे पहले प्रशिक्षण में वैज्ञानिकों ने गन्ना किस्म संतुलन का महत्व तथा जोन के लिए उपयोगी प्रमुख किस्में, गन्ना किस्म को. 0238 का बदलाव, शरद एवं वसंतकालीन बोआई, सहफसली खेती, ट्रेंच एवं रिंग पिट विधि से गन्ना बोआई की जानकारी दी। कृषि यंत्रीकरण के लाभ, जल संरक्षण, ड्रिप सिंचाई एवं प्राकृतिक खेती के लाभ, गन्ने के प्रमुख रोग व कीट एवं उनके नियंत्रण के उपाय, बीज एवं भूमि उपचार के तरीके एवं उनसे लाभ के बारे में बताया गया। जैव उर्वरकों एवं जैव पेस्टीसाइड्स के उपयोग के लाभ, एसटीपी एवं सिंगल बड विधि से गन्ने की नर्सरी तैयार करने की विधि की जानकारी दी गई। किसानों को शोध प्रक्षेत्र एवं प्रयोगशाला का भी भ्रमण कराकर तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।