कुर्रियाकलां। पल्हौरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथा व्यास पंडित आशीष बाजपेयी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मनोहारी प्रसंग सुनाया।
कथा व्यास ने सुनाया कि कंस ने एक-एक कर वासुदेव-देवकी की सात संतानों को मार डाला। जब आठवें पुत्र का जन्म हुआ, तब कारागार के सभी दरवाजे खुलने के साथ द्वारपाल मूर्छित हो गए। वासुदेव ने आठवें पुत्र के रूप में जन्मे बालक श्रीकृष्ण को सकुशल नंदबाबा के घर पहुंचा दिया। इसके साथ ही पंडाल नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की उद्घोष से गूंज उठा। कथा श्रवण में विशोक मिश्रा, रमेश मिश्रा, सतीश मिश्रा, विकास मिश्रा, सूरज मिश्रा आदि शामिल रहे। संवाद