शाहजहांपुर में हजरत बूलन शाह की दरगाह परिसर में कुलशरीफ में उपस्थित अकीदतमंद। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। शहर के मोहल्ला लोधीपुर स्थित हजरत बूलन शाह मियां के तीन दिवसीय सालाना उर्स का कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन अकीदतमंदों ने दरगाह पर गुलपोशी व चादरपोशी की।
बृहस्पतिवार की सुबह दरगाह परिसर में फातेहा ख्वानी हुई। हाफिजों ने कुरान की आयतें पढ़कर साहिबे उर्स को इसाले सवाब किया। इसमें मुल्क की खुशहाली व सलामती की दुआ की गई। इसके बाद लोगों में लंगर बांटा गया। पूरे दिन मजार पर गुलपोशी व चादरपोशी का सिलसिला चलता रहा। शाम को कुलशरीफ की महफिल सजी। इसमें शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने नेक बनने और भलाई के काम करने की अपील की। कुल की महफिल में शामिल होने के लिए दूरदराज से अकीदतमंद पहुंचे।
भीड़ के कारण लोधीपुर रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। उर्स की व्यवस्था में हाजी सईद अहमद, हाजी अब्दुल रहमान, मोहम्मद नईम, सैयद गालिब का सहयोग रहा।
लालशाह बाबा का उर्स हुआ
लोधीपुर मोहल्ले में रेलवे लाइन के किनारे हजरत लालशाह बाबा का उर्स हुआ। खादिम सैयद अशफाक अली की निगरानी में अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी कर मुरादें मांगी। अशफाक खान, अफरोज अली, शकील, दिलशाद, मोहम्मद रफी, अजीज अली, बबलू का सहयोग रहा।