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भक्तों को संकट से डरना नहीं चाहिए : आचार्य अंकुर

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कथा सुनाते कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल। स्रोत: समिति
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शाहजहांपुर। मोहल्ला लोधीपुर नई बस्ती में श्रीबालाजी मानस सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने सुनाया कि भगवान के जीवन में भी संकट आए, लेकिन भगवान उनसे डरे नहीं, लड़कर विजय प्राप्त की। भक्तों को भी संकट से डरना नहीं चाहिए।
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कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म के बाद कंस उन्हें मारने के लिए अपने राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा कितनी जरूरी है, यह भगवान श्री कृष्ण ने संसार को बताया। पूजन न होने से इंद्र क्रोधित हो जाते हैं। वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर नगरवासियों की रक्षा करते हैं।
कथा के दौरान आचार्य श्रवण शास्त्री, आचार्य मानव शुक्ल ने आरती करवाई। शुभम पांडेय, मेघा, मीतिका, ईशा, बिन्दू, मीना, शांति, अंशिका, देववती,अंजू, ज्योति, लवी, सारिका आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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श्रद्धालुओं ने किया सुंदरकांड का सामूहिक पाठ



कुर्रियाकलां। गांव के लोक भारती इंटर कॉलेज में रविवार को संगीतमय सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। बाला जी संकीर्तन मंडल द्वारा बाला जी के दरबार के समक्ष पंडित कृष्ण गोपाल ने विधिवत हवन पूजन कराया। बाद में श्रद्धालुओं ने भगवा वस्त्रों में श्रीरामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ किया। अंत में आयोजक पुनीत मिश्रा ने हवन कर प्रसाद वितरण किया। पाठ में विनय कुमार मिश्र, अमित अवस्थी, सुधांशू मिश्रा, अरविंद कुमार, प्रभाकर, यश मिश्रा आदि शामिल रहे। संवाद

कथा सुनाते कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल। स्रोत: समिति

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