शाहजहांपुर। गेहूं के निर्यात पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा दिए जाने के बावजूद जिले में समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद लचर बनी हुई है। इस वर्ष जनपद में गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.11 लाख टन रखा गया जो गत वर्ष की तुलना में 38 हजार टन अधिक है। वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ, लेकिन निर्यात से सरकारी खरीद पर विपरीत असर पड़ा और बाजार में गेहूं महंगा होने लगा। अब निर्यात पर रोक लगने पर भी न तो मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ी और न ही क्रय केंद्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे। खरीद से जुड़े अधिकारियों के अनुसार खुले बाजार में गेहूं के भाव कम हुए, लेकिन अभी भी मंडियों और गल्ला आढ़तों पर भाव समर्थन मूल्य की तुलना में 30-40 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा होने से क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंच रहा और अभी तक समर्थन मूल्य पर महज 3843 टन गेहूं खरीदा जा सका।
दो क्विंटल प्रति हेक्टेयर घटी उत्पादकता
उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह के अनुसार चालू रबी विपणन वर्ष में जिले में गेहूं उत्पादन के आंकड़े अभी नहीं मिल सके हैं, लेकिन वह भी मानते हैं कि इस बार फरवरी-मार्च में मौसम के बिगड़ैल तेवर फसल उत्पादन पर भारी पड़े। उन्होंने बताया कि गत वर्ष प्रति हेक्टेयर 41 क्विंटल से अधिक गेहूं उत्पादकता हुई थी, लेकिन इस वर्ष औसत उत्पादकता 38 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ज्यादा प्राप्त नहीं हुई है।
मंडियों में गेहूं का भाव समर्थन मूल्य से ज्यादा होने से क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हो रही है जबकि निजी क्षेत्र में खाद्यान्न कारोबारियों समेत कारगिल, आरटीसी आदि कंपनियां करीब 25 लाख क्विंटल गेहूं खरीद चुकी हैं। हालांकि, मोबाइल क्रय केंद्रों की टीमें गांवों में जाकर किसानों से संपर्क कर रही हैं, लेकिन गेहूं नहीं मिल रहा है। दो दिन पहले जनपद के दौरे पर आए प्रदेश के खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा को वस्तु स्थिति बताई जा चुकी है। फिलहाल, क्रय केंद्र 15 जून तक खुले रहेंगे। यदि किसी किसान को गेहूं बिक्री करने में कोई कठिनाई हो तो कार्यालय के फोन नंबर 05842-221986 अथवा वाट्सएप नंबर 9519063411 पर सूचना दें।
-कमलेश कुमार पांडेय, प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी