विनोबा भावे ने किया था भू-दान का आह्वान
बृजेश पाठक ने कहा कि आजादी के बाद विनोबा भावे को चिंता थी कि निर्धन भूमिहीनों का परिवार कैसे पालन होगा। तब उन्होंने पदयात्रा निकाल कर जमींदारों और राजाओं से भू-दान करने का आह्वान किया। उनके आंदोलन से जुड़कर बड़ी संख्या में लोगों ने जमीन को दान कर दिया। कार्यक्रम में साबरमती आश्रम के मुख्य ट्रस्टी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान भावलखेड़ा की जब पिटारा सीएससी में डिप्टी सीएम ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की।