रामगंज में खाद व्यापारी योगेश अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर रविवार को हुए बवाल के बाद जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह द्वारा कोतवाली में दर्ज कराई गई बलवा और मारपीट की रिपोर्ट को लेकर जिले के खाद व्यापारी मंगलवार को भड़क उठे। उन्हाेंने सदर तहसील गेट पर प्रदर्शन किया और तहसील दिवस में फरियादियों की सुनवाई कर रहीं डीएम पुष्पा सिंह को ज्ञापन देकर कृषि अधिकारी को निलंबित करने के साथ उनके द्वारा दर्ज कराई गई क्रास रिपोर्ट निरस्त कराने की मांग की।
खास यह रहा कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल कंछल गुट से संबद्ध शाहजहांपुर सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन की ओर से डीएम को ज्ञापन दिए जाते वक्त दोनों संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद नहीं रहे। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता और सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गुप्ता की गैर मौजूदगी में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम, सुरेंद्र सिंह सेठ आदि ने खाद व्यापारियों का नेतृत्व करते हुए डीएम के सामने उनका पक्ष रखा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि अधिकारी द्वारा जेल भेजे जाने की धमकी देकर रिश्वत मांगे जाने की शिकायतें कई बार सक्षम अधिकारियों से कीं गईं। जन प्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचाई, इससके बावजूद रविवार को कृषि अधिकारी ने रामगंज स्थित योगेश अग्रवाल की दुकान पर जाकर 50 हजार रुपये की मांग करने के साथ अभद्रता की। इसका विरोध करने पर कृषि अधिकारी ने व्यापारियों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
डीएम ने कृषि अधिकारी के निलंबन की मांग पर जांच करके कोई निर्णय करने का आश्वासन दिया, लेकिन घटना की सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर व्यापारियों को आड़े हाथों ले लिया। उन्होंने कहा कि यह उनके निर्णय करने का विषय है कि जांच कब और किसके स्तर से कराई जाएगी। ज्ञापन देने वालों में राहुल मल्होत्रा, सचिन गर्ग, गौरव गुप्ता, राममोहन गुप्ता, रवि कुमार, महेश चंद्र आदि शामिल हैं।
मिश्रा गुट ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
शाहजहांपुर सीड्य एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने व्यापार संगठनों की भीड़ में सशक्त संगठन की पहचान बना चुके उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ से पूरे घटनाक्रम में नैतिक सहयोग देने का अनुरोध किया है। व्यापारी नेता दुआ ने एसोसिएशन के अनुरोध का हवाला देते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे कि दोषियों का पता लगाने के साथ व्यापारियों को न्याय मिल सके।