शाहजहांपुर। सीजन में पहली बार बृहस्पतिवार को घने कोहरे का असर देखने को मिला। दोपहर तक धुंध और कोहरे का प्रभाव रहा। सुबह कोहरा इतना ज्यादा था कि वाहन लाइट जलाकर रेंगते हुए चले। दृश्यता दो सौ से घटकर 50 मीटर रह गई। वहीं, धुंध के कारण दोपहर में एक्यूआई पांच सौ से अधिक मापा गया। यह अस्थमा और ह्रदय रोगियों के लिए काफी खतरनाक है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम 25.6 और न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बुधवार को अधिकतम तापमान 29.3 और न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में 3.7 डिग्री की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि पछुआ और उत्तरी हवा चलने की वजह से शुक्रवार को तापमान में गिरावट होगी। कोहरा का भी असर बढ़ेगा।
पिछले पांच वर्षों में 14 नवंबर को दर्ज तापमान
वर्ष न्यूनतम अधिकतम
2023 15.6 28
2022 12.2 28
2021 13.6 30
2020 11.3 28.8
2019 15.3 26.2
दिन में कई बार 500 के पार पहुंचा एक्यूआई
धुंध और कोहरे के कारण वायु की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है। अजीजगंज में सुबह करीब दस बजे और दोपहर करीब दो बजे मीटर में एक्यूआई यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक पांच सौ से अधिक मापा गया है। एसएस कॉलेज के रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि धूलकणों की संख्या बढ़ने के कारण हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बृहस्पतिवार की दोपहर तक कोहरा छाने के कारण इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक्यूआई बढ़ने पर पानी का छिड़काव कराने आदि उपायों को अपनाया जाता है। अभी शाहजहांपुर जैसे शहरों में ये विकल्प नहीं अपनाए जा रहे हैं। नगर निगम को जनहित में विशेषज्ञों से परामर्श कर उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक बारिश या आंधी नहीं चलेगी, वायु की गुणवत्ता में सुधार नहीं होने वाला। लोगों को बेहतर गुणवत्ता का मास्क लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एक्यूआई मीटर पांच सौ तक का आंकड़ा दे सकता है, इसके बाद हवा की स्थिति का केवल अंदाजा लगाया जा सकता है।