अल्हागंज (शाहजहांपुर)। नौ जनवरी को क्षेत्र के गांव ठिंगरी में संदिग्ध परिस्थितियों में अधिवक्ता सुनील सिंह ‘पामू’ की मौत के मामले में भाई ने पत्नी और उसके करीबी एक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
जलालाबाद तहसील पर वकालत करने वाले अल्हागंज के गांव ठिगरी निवासी अधिवक्ता सुनील सिंह उर्फ पामू बीती नौ जनवरी को अपने घर में बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले थे। परिजन की सूचना पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट लगना दर्शाया गया था। शुक्रवार को इस मामले में आंबेडकरनगर में रहने वाले मृतक के बड़े भाई महेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि जलालाबाद के मोहल्ला नौसारा निवासी एक युवक से सुनील की पत्नी से करीबी थी। उसका भाई इस पर एतराज करता था।
कुछ दिन पहले भाई ने इसकी जानकारी उसे देते हुए अपनी हत्या हो जाने की आशंका भी व्यक्त की थी। बताया कि घटना वाले दिन उसके रिश्तेदार अमरेंद्र सिंह तथा योगेश कुमार गांव ठिंगरी स्थित उसके घर पर पहुंचे थे।
उस दौरान घर में सुनील की पत्नी का करीबी युवक भी मौजूद था। महेश सिंह ने भाभी व उसके करीबी युवक के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज किये जाने की मांग की। आरोप है कि पुलिस ने हत्या की धारा 302 के बजाय धारा 304 के तहत रिपोर्ट दर्ज करने को कहा।
अल्हागंज थाना प्रभारी प्रदीप सेहरावत ने बताया कि जांच में गिरने के दौरान अधिवक्ता के सिर में चोट लगने की बात सामने आई थी। महेश सिंह के अपने भाई के परिवार से संबंध कभी अच्छे नहीं रहे। वह कई सालों से गांव भी नहीं आये। उनके द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने से मना नहीं किया गया। जांच के आधार पर जो तथ्य मिले हैं, उन्ही धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही गई है।