तीन को हालत गंभीर होने पर भेजा गया जिला अस्पताल
घायलों में ज्यादातर नेपाली, ट्राली बचाने के फेर में हुआ हादसा
रूपैडिहा से सवारी लेकर दिल्ली जा रही निजी बस पुवायां-निगोही रोड पर ट्राली को ओवरटेक करते समय खाई में पलट गई। इससे यात्रियों में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में 18 यात्री घायल हुए। इनमें तीन को हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल भेजा गया है।
रूपैडिहा से निजी बस सवारियां लेकर दिल्ली के लिए निकली थी। बृहस्पतिवार रात 11 बजे बस पुवायां-निगोही मार्ग पर गांव नरायनपुर बैजू के पास पहुंची तो एक ट्राली को ओवरटेक करते समय चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और बस सड़क के किनारे गहरी खाई में पलट गई। इसके बाद चालक मौके से भाग निकला। बस पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। शोर होने पर आसपास गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और बस के शीशे तोड़कर लोगों को बाहर निकाला। पुलिस को भी सूचना दे दी।
पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को पुवायां के सरकारी अस्पताल भिजवाया। हादसे में बहराइच के थाना पंडितपुरवा के गांव बेहरा निवासी रामसागर, इसी जिले के थाना नानपारा के गांव सिसुआरा निवासी अनिल कुमार, गांव रामगांव निवासी ननकाऊ, नानपारा के गांव गोपड़ गनगाने निवासी सुनील की पत्नी ऊषा देवी, थाना नानपारा निवासी दलबीर सिंह की पत्नी सुशीला देवी, नानपारा के एसएसबी कैंप निवासी मनोज की पत्नी सुनीता, जनपद कन्नौज के गांव कमऊचल्ला निवासी यम बहादुर, उत्तराखंड के शिमला के कसबा चलांगकुमार सेनमोहन निवासी धनबहादुर की पत्नी धनसरी, नेपाल के थाना तानूकंदन के गांव कजरकांत निवासी बहादुर थापा, खीरी के बांकेगंज निवासी शफीक अहमद, नेपाल के जिला सर्पद्वारी निवासी देवीराम, इसी जिले के थाना गुरचेम निवासी लालबहादुर सुनार, गमीम बहादुर, लालू, थाना मालकोला सलमान निवासी पीरमलाल, थाना मनोराजापुर के गांव मनोवार धामा निवासी देव बहादुर, नेपाल के ही थाना सारख के गांव रकूम निवासी रविंद्र खत्री, राजस्थान के जिला गंगानगर निवासी सुनील घायल हो गए। बस में सवार अन्य यात्रियों को भी मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया। रामसागर, शफीक और ऊषा को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि किसी भी यात्री ने अभी तक तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।