शाहजहांपुर। अपने मोबाइल फोन में ऐसा कोई फोटो न रखें, जो परिवार वालों को नहीं दिखा सकते। डिलीट किए फोटो भी आसानी से रिकवर किए जा सकते हैं। इससे ब्लैकमेलिंग की घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है।
यह बात एसपी देहात मनोज कुमार अवस्थी ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आर्य महिला डिग्री कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। बताया कि अनजान व्यक्ति के वीडियो कॉल को रिसीव न करें। साइबर अपराधी वीडियो कॉल कर आपके चेहरे को क्रॉप कर किसी अन्य व्यक्ति का धड़ लगाकर ब्लैकमेल करते हैं। वीडियो कॉल करते समय सावधानी बरतें।
उन्होंने बताया कि कोई भी अश्लील फोटो किसी भी प्लेटफॉर्म पर वायरल नहीं हो सकता है। ऐसा कंटेंट सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म खुद ही डिलीट कर देता है। इसे सिर्फ व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया जा सकता है। ऐसी कोई घटना होने पर तुरंत ही संबंधित व्यक्ति को सोशल मीडिया पर मित्रता की सूची से हटा दें।
प्राचार्य डॉ. सुनीता जैसल ने बताया कि पुलिस जनता की सेवा के लिए हमेशा से तत्पर है। प्रत्येक थाने पर महिला की सुनवाई के लिए अलग से पिंक बूथ बनाया गया है। संचालन शिक्षिका प्रज्ञा वर्मा और आभार ऋतु शर्मा ने व्यक्त किया।
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डरें नहीं, शिकायत करें
एसपी ग्रामीण ने कहा कि आमतौर पर साइबर अपराध का शिकार होने पर खासतौर पर छात्राएं बदनामी के डर से गलत कदम उठा लेती हैं। यदि साइबर अपराध का शिकार हो भी जाएं तो डरकर कोई गलत कदम नहीं उठाएं, बल्कि हेल्पलाइन नंबर 1930 पर पूरी जानकारी दें। पुलिस पूरी मदद करती है। शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा जाता है।
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ये पूछे सवाल
प्रश्न : वर्तमान में वाहनों का चालान काफी अधिक रुपयों का हो रहा है? -शिखा शुक्ला
उत्तर : शासन स्तर से चालान की धनराशि तय है। उसमें लोकल पुलिस का कोई रोल नहीं होता है।
प्रश्न : पुलिस अपने कर्तव्यों से क्यों बचती है, ड्यूटी न होने पर मदद भी नहीं करती है? -सना अहमद
उत्तर : यूपी पुलिस हमेशा ही जनता की मदद के लिए तत्पर है। हर पुलिसकर्मी एक जैसा नहीं होता है।
प्रश्न : कोई दिक्कत आने पर कहां शिकायत कर सकते हैं? -रजनी
उत्तर : सबसे पहले तो डायल 112 पर कॉल करें, तुरंत मदद मिलेगी।
आर्य महिला महाविद्यालय में अमर उजाला द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बोलते एसपी ग्