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कर्ज में डूबे किसान की जिला अस्पताल में मौत

Sat, 02 May 2015 12:27 AM IST
शाहजहांपुर/पुवायां
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जिले में फसली नुकसान से परेशान एक और किसान की मौत हो गई। पुवायां क्षेत्र के गांव लखनापुर के किसान 30 वर्षीय राममूर्ति ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में दमतोड़ दिया। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 67 किसानों की अस्वाभाविक मौत हो चुकी है।
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मृतक के बड़े भाई पूरनलाल ने बताया कि उनका चार भाइयों का संयुक्त परिवार है। इस बार सभी ने मिलकर 25 एकड़ गेहूं बोया था। फसल तैयार करने में राममूर्ति के ऊपर बैंक का लगभग पांच लाख रुपया कर्जा हो गया था। इसके अलावा घर में अन्य खर्चों के लिए भी साहूकारों से लगभग 10 लाख रुपया कर्ज लिया था। बारिश में गेहूं की फसल खराब हो गई, इससे राममूर्ति बेहद परेशान रहते थे।
गेहूं की कटाई हुई तो मात्र छह क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं निकला। गेहूं बेहद कम निकलने से किसी का कर्ज आदि नहीं निपट पाया। तमाम समस्याएं खड़ी हो गईं। इससे परिवार के सभी लोग परेशान थे, लेकिन राममूर्ति बराबर कर्जा नहीं निपट पाने की चिंता में डूबे रहते थे। बृहस्पतिवार शाम अचानक राममूर्ति को सीने में दर्द की शिकायत हुई तो परिवार के लोगों ने उन्हें पुवायां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने हार्टअटैक बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार दोपहर राममूर्ति की मौत हो गई। जानकारी घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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छह बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
पुवायां। राममृर्ति की मौत से छह बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, वहीं पति की मौत की जानकारी पाने के बाद से पत्नी शिवरानी का हाल बेहाल है। वह बार बार मृर्छित होकर गिर पड़ती है।
राममूर्ति के 12 वर्षीय पुत्री भाना देवी, 10 वर्षीय नेहा देवी, आठ वर्षीय गोल्डी देवी, छह वर्षीय उजाला देवी, चार वर्षीय पुत्र करन और दो माह की पुत्री शीतल है। तीन पुत्रियों कुछ समढदार हैं और पिता की मौत की जानकारी से गमगीन हैं। पत्नी शिवरानी ने बताया कि पति फसल खराब हो जाने के कारण कर्ज नहीं चुका पाने के गम में डूबे रहते थे। काफी समझाने के बाद भी वह फसल खराब हो जाने की बात नहीं भुला पा रहे थे। पिता प्यारेलाल, मां महदेई भी पुत्र की मौत से सदमे में हैं।
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