शाहजहांपुर। वर्ष 2016 बैच के फायरमैन मोहम्मद आरिफ की मौत के बाद बिलख रही पत्नी जिम्मी खां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। पति को याद कर वह कह रही है कि उसे क्या पता था कि मोबाइल पर बात करते समय नींद आने की बात कहने वाले पति की सुबह मौत की सूचना आ जाएगी।
रामपुर में आबकारी विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात जिम्मी ने बताया कि पति आरिफ एक माह की छुट्टी बिताकर तीन दिन पहले ही घर से ड्यूटी पर आए थे। मंगलवार रात 11 बजे मोबाइल पर काफी देर तक बात होती रही। परिवार में सभी के लोगों का हाल-चाल लेने व अन्य घरेलू बातों के बाद आरिफ ने कहा उसे नींद आ रही है, अब वह सोने जा रहा है। सुबह होने पर बात करेंगे। जिम्मी ने बताया कि सुबह देरी से उठने पर पर वह घरेलू काम में लग गई। इस वजह से वह बात नहीं कर पाई। सुबह लगभग 11:45 बजे सूचना मिली कि पति की तबीयत खराब है। इसके बाद पता चला कि उसके पति अब इस दुनिया में नहीं रहे। शाहजहांपुर पहुंचने पर जिम्मी को फायर स्टेशन पर बैठाया गया। जहां फायर ब्रिगेड के अधिकारी और फायरमैन की पत्नियां उसे दिलासा दे रहीं थीं लेकिन उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
पहली पोस्टिंग शाहजहांपुर में ही मिली थी आरिफ को
वर्ष 2016 बैच के फायरमैन मोहम्मद आरिफ ने उन्नाव से फायरमैन की ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद अक्टूबर 2016 में उनकी पहली पोस्टिंग शाहजहांपुर में ही हुई थी। वह 29 अक्तूबर 2019 को मिर्जापुर ट्रांसफर कर दिए गए। 10 नवंबर को उन्हें ढाईघाट मेला ड्यूटी पर भेजा गया था।
मां को वीडियो कॉल कर बताया था गंगमैया का नजारा है अच्छा
फायरमैन मोहम्मद आरिफ की मौत से उसके साथी फायरमैन और अधिकारी भी दु:खी हैं। उसके एक साथी ने बताया कि आरिफ ने मौत होने से आधा घंटा पहले करीब सुबह 11 बजे मां जेहरा को वीडियो कॉल की थी और ढाईघाट गंगा स्थल का नजारा दिखाया था। उसने बताया था कि मंगलवार को पूर्णिमा पर लोगों ने गंगा स्नान किया है। आज भी लोग कर रहे हैं। यहां नजारा अद्भुत है। वह भी साथियों के साथ नहाने जा रहा है। बस इसके कुछ देर बाद ही आरिफ की जान चली गई। आरिफ के परिवार में पत्नी बच्चों के अलावा उसकी मां जेहरा, 15 वर्षीय छोटा भाई आशिफ, 17 वर्षीय बहन नेबिश और पिता महबूब खां हैं।
डूबने से ही हुई मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरिफ की मौत डूबने से बताई गई है। पोस्टमार्टम सूत्रों के मुताबिक बालू में सिर टकराने पर धमक की वजह से वह बेहोश हो गया और उठ न पाने की वजह से पानी पेट में चल गया।