जिला प्रशासन की रोक के बाद भी लोग नरई जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार दोपहर नरई में लगी आग बुझाने के दौरान एक वृद्ध की जलकर मौत हो गई। हादसे के बाद से मृतक के घर कोहराम मचा हुआ है।
गांव पड़रिया दलेलपुर के पूर्व प्रधान संतकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके 60 वर्षीय पिता जयराखन सोमवार दोपहर खेत पर गए थे। इसी बीच किसी ने नरई में आग लगा दी। तेज हवा के कारण आग ने उग्र रूप धारण कर लिया और कई खेतों में खड़ी नरई जलाकर खाक कर दी। आग की लपटें पड़ोस के सत्यपाल के खेत तक पहुंची तो जयराखन ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। जलने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय आसपास खेतों में कोई भी किसान मौजूद नहीं था।
कुछ देर बाद संतकुमार को नरई में आग लगने की सूचना मिली तो वह लोगों के साथ मौके पर पहुंचे तो पिता का शव खेत में पड़ा मिला। सूचना घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जयराखन का जला हुआ शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। राजस्व विभाग की टीम ने भी मौका मुआयना किया और परिवार के लोगों को नियमानुसार मदद का आश्वासन दिया है।
पहले भी जा चुकी है कि किसान की जान
पुवायां। बंडा क्षेत्र में नरई जलाते समय पहले भी एक किसान की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी किसान रोक के बाद नरई जलाते हैं और नरई जलाते समय कोई भी सावधानी नहीं रखते हैं। वर्ष 2015 के अप्रैल में बंडा क्षेत्र के गांव बंडी निवासी कामता प्रसाद नरई जला रहे थे। इस दौैरान अचानक तेज हवाएं चलने से आग भड़क गई और कामता प्रसाद आग के बीच फंस गए। दम घुटने और जल जाने से उनकी खेत में ही मौत हो गई थी।