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जानलेवा हमले में दो को सात साल की कैद

Sun, 03 Apr 2016 01:10 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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नौ अप्रैल 2006 को तिलहर मे एक खेत में नरई जलाने के दौरान तमंचे से फायर कर जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूरी कर अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम गोपाल उपाध्याय ने तिलहर के गांव बंधिया चक निवासी हाकिम सिंह और रूम सिंह को दोषी सिद्ध करार दिया। इन दोनों को सात वर्ष की कैद और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस मामले में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी गयाराम सिंह को बरी कर दिया गया। यह पूरी घटना खेत में नरई जलाने को लेकर हुई थी। नौ अप्रैल 2006 को तिलहर के गांव बिलहठी निवासी कुलदीप सिंह सायं सात बजे अपने बंधीचक गांव वाले पटके के खेत में नरई जला रहे थे। उसी समय बंधीचक गांव के तीनों अभियुक्त तमंचे के साथ इसके पास पहुंचे और नरई जलाने की वजह पूछी और कहा इससे उनके खेत में भी आग लग जाएगी। पीड़ित ने कहा कि आग नहीं लगेगी तो तीनों गालियां देने लगे और मना करने पर तीनों ने इसे पकड़कर कनपटी पर तमंचे से फायर किया। इस फायरिंग में कुलदीप और इसका भाई घायल हो गए। सरकारी वकील वंशीलाल की ओर से इस मामले में कुल पांच गवाह पेश किए गए। अपर सत्र न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, पुलिस की विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। 
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गंभीर चोट पहुंचाने पर दो चार वर्ष की कैद
शाहजहांपुर। जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम नगरिया बुजुर्ग में 27 मार्च 2013 को बच्चों के विवाद में हुई मारपीट में एक महिला समेत तीन को गंभीर चोट पहुंचाने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूरी करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम गोपाल उपाध्याय ने आरोपी पिंटू और मिनिस्टर को दोषीसिद्ध अभियुक्त करार दिया। दोनों को चार साल की कैद की सजा सुनाई और आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया। संदेह का लाभ देते हुए तीसरे आरोपी ओमप्रकाश को बरी कर दिया गया। सरकारी वकील वंशीलाल की ओर से इस मामले में कुल आठ गवाह पेश किए गए थे। इस मामले में वादी पक्ष के राजेंद्र पाल सिंह, उसकी पत्नी और भाई सतेंद्र पाल मौके पर निहत्थे और अभियुक्त पक्ष वालों ने लाठी-डंडे से ऐसा वार किया कि सतेंद्र पाल के सिर की हड्डी टूट गई।
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