सपा सरकार की नाकामियां बनेंगी चुनावी मुद्दा
अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि किसानों और नौजवानों के जिन मुद्दों को लेकर सपा सरकार नाकाम साबित हुई, अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में वही मुद्दा बनेंगे। वह कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को तिलहर रवाना होने से पहले लोनिवि के निरीक्षण भवन में पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि चार साल का वक्त गंवाने के बाद सपा सरकार किसान वर्ष मनाने, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने जैसी घोषणाएं करके लोगों को भरमाने की असफल कोशिश कर रही है। सांसद अनुप्रिया ने कहा कि कृषि प्रधान और किसान बाहुल्य प्रदेश होने के बावजूद किसानों को उचित गन्ना मूल्य नहीं मिला। दो साल से सूबे में सूखे के हालात बने हैं। किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने तीन चरणों में 4877 करोड़ रुपये दिए, लेकिन किसानों से बात करें तो यही साबित होता है कि राहत उन तक नहीं पहुंची। पुलिस भर्ती में क्षेत्र और जाति विशेष के लोगों को तरजीह देकर युवाओं को निराश किया गया। किसान और युवा वर्ष की बात करने वाली सपा सरकार ने दोनों वर्गों को उपेक्षित किया। विधानसभा चुनाव की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि संगठन को धार देने के लिए कार्यकर्ताओं को सरकार की विफलताएं बताई जा रही हैं। एनडीए का सहयोगी दल होने के बावजूद अपना दल का अलग अस्तित्व बनाने का प्रयास कर रहा है। एनडीए का संसदीय बोर्ड तय करेगा कि यूपी में अपना दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा। सराफा व्यापारियों की हड़ताल पर मोदी सरकार का नजरिया पेश करते हुए कहा कि वित्त मंत्री लोकसभा में इंस्पेक्टर राज को लेकर आश्वस्त कर चुके हैं। फिर भी समाधान के रास्ते खोजे जा रहे हैं। वार्ता में अपना दल के जिलाध्यक्ष सुनील पटेल, महासचिव शिवनंदन सागर आदि मौजूद रहे।