शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र के गांव लालपुर की प्रधान प्रिया वर्मा के पिता धनेश वर्मा के शव का पोस्टमॉर्टम होने के बाद शनिवार को शव घर लाया गया। परिजनों का कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
धनेश वर्मा की 18 अप्रैल को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। उनका शव घर में पड़ा मिला था। दुपट्टे का आधा हिस्सा उनके गले में कसा था और आधा हिस्सा कमरे के कुंडे से लटकता मिला था। धनेश वर्मा की पहली पत्नी की मौत हो गई है। वह दूसरी पत्नी प्रीती वर्मा और दो बच्चों के साथ घर पर रहते थे। पुलिस को सूचना देने के बाद प्रीती मौके से चली गई थी।
धनेश वर्मा के भाई सतेंद्र वर्मा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई है। सतेंद्र ने बताया कि 17 अप्रैल की शाम साढ़े सात बजे उनके भाई धनेश कुमार की खुटार के तिकुनियां चौराहा स्थित दूध डेयरी की दुकान में धनेश की पत्नी प्रीती वर्मा, ससुर लखीमपुर के गांव बालूडीह निवासी रमाकांत, सास, साले प्रियांशु उर्फ सीटू और राजा आदि लोगों ने धमकी दी। इसके बाद पकड़कर उन्हें घर ले गए। आरोपियों ने रात में धनेश को पीटा और मार डाला।
रिपोर्ट दर्ज के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था शव
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने के समय भी काफी विवाद हुआ था। परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं होने तक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाने से मना करते हुए शव कमरे में रखकर ताला डाल दिया था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शव पोस्टमॉर्टम को भेजा जा सका था। अब पोस्टमॉर्टम के बाद शव को घर में रखा गया है। परिजन कह रहे हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया।