सेहरामऊ दक्षिणी में फकीरे लाल का शव मिलने के बाद लगी भीड़। स्रोत: जागरुक पाठक
शाहजहांपुर/ सेहरामऊ दक्षिणी। गांव रौरा में भेड़ बचाने के लिए गर्रा नदी में उतरे 62 वर्षीय फकीरे लाल पाल की भी मौत हो गई। 24 घंटे के बाद गोताखोरों को उनका शव मिल गया, जो 25 फुट गहराई में फंसा था। एक दिन पहले उनके बेटे विवेक का शव गोताखोरों ने तलाश लिया था।
शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे फकीरे लाल व विवेक भेड़ाें को लेकर गर्रा नदी के पार जा रहे थे। इस बीच एक भेड़ डूबने लगी। उसे विवेक ने बचाने का प्रयास किया तो वह गहरे पानी में चला गया। बेटे की जान बचाने के लिए फकीरे भी डूब गए। स्थानीय गोताखोरों ने विवेक का शव निकाल लिया था, लेकिन फकीरे लाल का शाम तक कोई सुराग नहीं लगा था।
रविवार को मिर्जापुर और भरगवां से आए ग्रामीणों ने नदी में शव को तलाश करने का प्रयास शुरू किया। गोताखोर भी नदी में उतरे। इसके बाद शव मिल गया। सूचना पर एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र नाथ व सीओ सदर प्रयांक जैन भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने गोताखोरों की 12 सदस्य टीम को प्रोत्साहित किया। गोताखोरों ने जैकेट, चश्मा, ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग की। इस पर उन्हें आश्वासन दिया गया। टीम में परशुराम, रजत, रोहित, छोटू, अवधेश, भोला, दिनेश, संजीव, सुंदर, महेंद्र, व श्याम बाबू वर्मा का सहयोग रहा।
सेहरामऊ दक्षिणी में फकीरे लाल का शव मिलने के बाद लगी भीड़। स्रोत: जागरुक पाठक