खुदागंज (शाहजहांपुर)। पांच दिन पूर्व खुदागंज से लापता हुए 12 साल के बालक की लाश सोमवार सुबह तिलहर इलाके में गर्रा नदी में उतराती मिली। पुलिस के मुताबिक खेते के चारों ओर लगे कंटीले तारों में बहते करंट लगने के चलते बालक की मौत हुई थी। खेत मालिक ने चुपचाप शव ले जाकर गर्रा नदी में फेंक दिया। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
निगोही थाना क्षेत्र के ग्राम संडाखास निवासी रविंद्र सिंह की बेटी की ससुराल खुदागंज इलाके के जमीलापुर गांव में है।रविंद्र सिंह का बेटा अवनीश अपनी बहन के घर मेहमानी में गया था। आठ जुलाई को अवनीश, घर से नमकीन लेने की बात कहकर निकला वहीं से लापता हो गया था।
काफी इंतजार करने के बाद जब अवनीश घर नही लौटा तो रिश्तेदारों ने तलाश शुरू की, लेकिन रात में कुछ पता नही चला। नौ जुलाई की सुबह बालक के पिता रविंद्र सिंह ने खुदागंज थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस कई दिनों तक गोताखोरों की मदद से गांव के पड़ोस में बह रही गर्रा नदी में बालक की तलाश करती रही, लेकिन कोई नतीजा नही निकला।
सोमवार सुबह तिलहर थाना क्षेत्र में विरसिंहपुर गांव के पास ग्रामीणों ने गर्रा नदी में एक बालक का शव उतराता हुआ देखा। इसकी चर्चा फैली तो लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर खुदागंज पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे परिजन ने लाश की शिनाख्त अवनीश के रूप में की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने जमीलापुर निवासी राकेश सिंह पुत्र ओमपाल सिंह को शव के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में राकेश ने बताया कि अवनीश, उसके खेत की तरफ घूमता हुआ पहुंच गया था। राकेश ने खेत में जंगली जानवरों से बचाव के लिए अपने खेत के चारो ओर कंटीले तार लगा रखे हैं। उस वक्त कंटीले तारों में बिजली का करंट प्रवाहित था। जिसकी चपेट में आने से बालक की मौके पर मौत हो गई। खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए राकेश ने रात में ही शव ले जाकर गर्रा नदी में फेंक दिया।
बालक की मौत के मामले में एक युवक केे हिरासत में लिया है। उसने बालक की मौत करंट लगने से होने और खुद के द्वारा लाश नदी में फेंकना कबूल किया है। अभी आरोपी से पूछताछ जारी है। - वकार अहमद खां, थाना अध्यक्ष, खुदागंज