शाहजहांपुर। डीएपी को लेकर पिछले दिनों किसानों के बीच शुरू हुई आपा-धापी धीरे-धीरे कम हो रही है। बीते चार दिनों में दो चक्रों में 3712 टन डीएपी का वितरण कराया जा चुका है। इसी कड़ी में जनपद में रविवार को आईपीएल कंपनी की 1549 टन प्राप्त हुई डीएपी का फुटकर बिक्री के लिए दुकानों पर वितरण कराया गया।
अधिकारियों के अनुसार फुटकर बिक्री केंद्रों पर तैनात सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में किए गए वितरण की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। अधिकारी क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि उन्हें मांग के अनुरूप डीएपी मिलती रहे। इन सभी प्रयासों के बावजूद जैतीपुर और खुदागंज क्षेत्र में सहकारी समितियों पर समितियों पर डीएपी नहीं होने से किसान परेशान हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक के अनुसार उर्वरक खरीदने वाले किसानों से क्षेत्र भ्रमण में अधिकारियों द्वारा लगातार पूछा जा रहा है कि उन्हें कोई कठिनाई तो नहीं हो रही। फुटकर विक्रेताओं और समिति सचिवों से कहा गया है कि पीओएस मशीन के हैक करने की स्थिति में खाद लेने आए किसान का मूल आधार कार्ड जमा कर उसका नाम, पिता का नाम, पता और मोबाइल नम्बर उर्वरक बिक्री रजिस्टर में दर्ज कर उर्वरक उपलब्ध कराएं।
मशीन की तकनीकी समस्या ठीक होने पर संबंधित किसान का पीओएस मशीन में अंगूठा निशान लगाकर उनका आधार कार्ड वापस कर दें। खाद मिलने में कोई समस्या होने पर किसान कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 8425400585 अथवा 8423400622 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके बावजूद कोई समस्या हो तो जिला कृषि अधिकारी के सीयूजी नंबर 7839882623 पर संपर्क कर सकते हैं। कृषि अधिकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र सहकारी समितियों पर डीएपी का नया स्टॉक भेजा जा रहा है।
जैतीपुर में दो समितियों के गोदामों पर पहुंची डीएपी
जैतीपुर। क्षेत्र में सात साधन सहकारी समितियां हैं, जिनमें से गांव जौरा और शंकरपुर पिटरहाई की साधन सहकारी समितियों के गोदामों पर शनिवार को डीएपी की नई खेप पहुंच गई और रविवार को उसका वितरण किए जाने से क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली। इसके बावजूद सुरजूपुर, गोविंदपुर, मरेना, गढ़िया रंगीन और खेड़ा रठ समिति पर खाद नहीं पहुंचने से किसान परेशान हैं।
बता दें कि क्षेत्र में केवल 800 बोरी डीएपी पहुंची, लेकिन वह उन्हीं किसानों को दी जा रही है जिनका समिति पर खाता संचालित है। तमाम ऐसे किसान हैं जिनका समितियों में खाता नहीं होने से उन्हें खाद की किल्लत हो रही है।
खुदागंज क्षेत्र की समितियों पर डीएपी का संकट
खुदागंज। क्षेत्र में डीएपी खाद के लिए किसानों की परेशानी दूर नहीं हो रही है। मांग की तुलना में आपूर्ति कम होने से किसानों को खाद के लिए समिति और सरकारी बिक्री केंद्रों पर लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। कई समितियों में डीएपी का स्टॉक खत्म हो जाने से वहां ताले झूल रहे हैं। इफ्को के बिक्री केंद्र भी किसानों को राहत नहीं दे रहे हैं।
क्योंकि वहां जाने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसान अमनप्रीत सिंह ने बताया कि कई दिनों से अकबरी समिति के चक्कर काटने पर भी खाद नहीं मिल सकी जबकि बुआई के लिए लगभग 80 बीघा खेत तैयार हैं। गांव देवरास निवासी असलम के अनुसार 36 बीघा खेत के लिए डीएपी मिले तो बुबाई शुरू हो जाएगी।