फसली नुकसान से प्रभावित किसानों को शासन द्वारा कृषि निवेश मद में दी गई धनराशि के चेक देने में लेखपालों की मनमानी से जुड़ी शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को कांट क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए किसानों ने भाकियू नेताओं के साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव से भेंट की और उन्हें ज्ञापन देकर इसी आशय की शिकायत की। किसानों के अनुसार उनकी जमीनें अन्य गांवों में होने के कारण वहां के लेखपाल उन्हें सहायता राशि के चेक देने में आनाकानी कर रहे हैं।
कांट क्षेत्र के गांव करमोरी निवासी गया सिंह, गुनराम, जय सिंह, राजपाल, अमोरा गांव के राजेश्वर, रतीराम दधीचि, ककराही निवासी भगवन्ना देवी आदि को साथ लेकर भाकियू भानु गुट के मंडल महासचिव रमेश चंद्र गुप्ता और जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव ने एडीएम श्रीवास्तव से भेंट की। इन सभी ग्रामीणों ने एडीएम को बताया कि उनकी खेती की जमीन बबौरी गांव में है, जबकि परसनिया गांव में रहने वाले कई किसानों की जमीनें नजदीक के बरेंग गांव में हैं।
एडीएम को किसानों ने बताया कि उनकी फसलों को हुए नुकसान के मुआवजा चेक देने को लेकर संबंधित लेखपाल तरह-तरह की बहानेबाजी कर रहे हैं। एक लेखपाल का कहना है कि जिस गांव के खेत में फसली नुकसान हुआ, उसी गांव में रहने वालों को मुआवजा चेक दिए जाएंगे। दबाव बनाने संबधित लेखपालों ने साफ कह दिया कि उन्हें अधिकारियों को ऊपर तक समझना पड़ता है। इसलिए खर्चा दिए बगैर चेक नहीं मिलेंगे।
ज्ञापन में सुविधा शुल्क मांगने वाले दोनों लेखपालों के नामों का उल्लेख करते हुए किसानों ने उन्हें निलंबित करने और फसली नुकसान के चेक जल्द दिलाए जाने की गुहार की। एडीएम ने किसानों समेत भाकियू नेताओं को संबंधित लेखपालों के कामों की जांच कराकर नुकसान से प्रभावित किसानों को सहायता राशि के चेक शीघ्र दिलाने का भरोसा दिया।