मुमुक्ष शिक्षा संकुल के तत्वाधान में वाणिज्य संकाय विभाग द्वारा आयोजित आठवीं अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में अतिथियों के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के संगीत विभाग की छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य तथा देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों के माध्यम से इंद्रधनुषी छटा बिखेरी।
छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुति से प्रेम और एकता का संदेश दिया। वहीं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से व्यवस्था पर करारा प्रहार किया। मां शारदे की वंदना के बाद बीए के विद्यार्थियों ने भगवान गणेश की वंदना की। दीप वंदना छात्र सागर ने ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा वह भारत देश है मेरा गीत गाकर खूब तालियां बटोरी। इस कड़ी मे एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने भ्रष्टाचार पर आधारित नाटक क्या इस देश का कुछ नही हो सकता का मंचन कर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। इसके अलावा राजस्थानी लोक नृत्य, गुजरात का गरबा नृत्य, दुर्गा पूजा गीतों पर सामूहिक नृत्य भी सराहे गए। वाणिज्य संकाय के डॉ. देवेंद्र सिंह एवं डॉ. मीना शर्मा ने गीत प्रस्तुत किए। इसी कड़ी में डॉ. देवेंद्र सिंह की चार साल की बेटी मयूरी ने प्रेम रतन धन पायो पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति देकर खूब वाहवाही लूटी।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती, प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. प्रभात शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। व्यवस्था में डॉ. दीपक मिश्रा, डॉ. मनीष, डॉ. निधि त्रिपाठी, डॉ. भारत, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. प्रतिभा सक्सेना, मीता रस्तोगी, अपूर्वा शर्मा, डॉ. कविता भटनागर, इंद्रप्रीत कौर आदि का योगदान रहा।