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फसली नुकसान से परेशान छह और किसानों की मौत

Thu, 23 Apr 2015 11:51 PM IST
शाहजहांपुर
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जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान फसली नुकसान से छह और किसानों की मौत हो गई। जलालाबाद क्षेत्र के खंडहर गांव में 60 वर्षीय रामचंद्र को 15 बीघा खेत में मात्र छह क्विंटल गेहूं मिलने से उनकी खेत पर ही हालत बिगड़ गई। खुदागंज क्षेत्र के मझिला गांव में कर्ज के बोझ के परेशान 35 वर्षीय जयेंद्र सिंह को फसल कम निकलने पर बृहस्पतिवार को सुबह खेत पर ही दिल का दौरा पड़ गया और वहीं उनकी सांसें थम गईं।  इसी तरह खेत से पर्याप्त फसल नहीं मिलने पर पुवायां क्षेत्र के गांव जठियापुर में 50 वर्षीय मुंशी लाल, सिंधौली क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव में 50 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद, कांट क्षेत्र के गांव जैतापुर में 60 वर्षीय ओम प्रकाश और सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव में 65 वर्षीय सीताराम की मौत हो गई। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 52 किसानों की अस्वाभाविक मौत हो चुकी है।
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कर्ज में डूबे रामचंद्र की थम गईं सांसें
जलालाबाद। क्षेत्र के गांव खंडहर में कर्ज में डूबे किसान रामचंद्र कुदरत से मिले फसली नुकसान को बर्दाश्त नहीं कर सके। उनकी मौत की सूचना पाकर तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा ने लेखपाल के साथ गांव पहुंचकर जांच पड़ताल की। ग्राम प्रधान रामवीर सिंह ने उनके परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन से मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया है।
करीब चार महीने पहले रामचंद्र की पत्नी बीमार हो जाने पर उन्होंने गांव के कुछ लोगों से 50 हजार की रकम उधार ली थी, लेकिन पत्नी बच नहीं सकी। जमीन न होने पर रामचंद्र ने इस कर्ज को चुकाने के लिए ठेके पर 30 बीघा खेत लिया और उसमें 20 हजार रुपये उधार लेकर लागत लगाई, लेकिन मौसम की मार से फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। कर्ज चुकाने के साथ ही पूरे साल परिवार के भरण पोषण की चिंता से उक्त रामचंद्र इतना दुखी हुए कि उनकी हालत बिगड़ गई। घर के लोग कुछ कर पाते कि उन्होंने दम तोड़ दिया। वह चार बेटों के साथ मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार की गाड़ी खींच रहे थे।
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जयेंद्र को खेत में पड़ गया दिल का दौरा
खुदागंज। गांव मझिला निवासी जयेंद्र सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह अपनी गेहूं की फसल की बर्बादी से विगत दो सप्ताह से उदास थे। जयेंद्र के ऊपर कई बैंकों का बकाया चल रहा था। सरकारी कर्ज की चिन्ता और फसल की बर्बादी से बुरी तरह टूट चुके जयेंद्र बृहस्पतिवार को सुबह खेत में कट रही फसल देखने गए।  कम फसल और कर्ज की चिंता से उनकी खेत में ही हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक जयेंद्र की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनकी पत्नी सरोजा देवी के सामने तीन बच्चों के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं राजस्व निरीक्षक राजकमल और हल्का लेखपाल अमर सक्सेना ने मौके का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है।

बेटे की शादी का अरमान लेकर चल बसे ओमप्रकाश
कांट। क्षेत्र के गांव जैतापुर निवासी ओम प्रकाश ने चार बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। ज्यादा उपज लेने के लिए ग्रामीणों से कर्ज लेकर फसल में भरपूर लागत लगाई। सोचा था कि गेहूं बेचकर छोटे बेटे अनूप की सात मई को होने वाली शादी के लिए जरूरी खरीददारी कर लेंगे, लेकिन कुदरत ने उनके अरमानोें पर पानी फेर दिया। बृहस्पतिवार को सुबह खेत पर गहाई कराई तो चार बीघा में सिर्फ तीन क्विंटल गेहूं हाथ लगा जो परिवार के साल भर के भरण-पोषण के लिए भी पर्याप्त नहीं। वह भारी मन से घर लौटे और दो घंटे बाद सीने में दर्द की शिकायत लेकर चल बसे। उनकी मौत से पत्नी उर्मिला बदहवास हो गईं। ओम प्रकाश केतीन बेटों की शादी पहले ही हो चुकी है।

फसली नुकसान सहन नहीं कर पाए सीताराम
सेहरामऊ दक्षिणी। लक्ष्मणपुर गांव केरहने वाले सीताराम ने सात बीघा खेत से परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पाने के कारण 11 बीघा जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की बुवाई की थी। बुधवार को शाम पांच बजे दोनों बेटों श्रीकांत और रामप्रसाद के साथ फसल की गहाई देखने खेत पर गए। सात बीघा में डेढ़ क्विंटल गेहूं देखा तो बेटों को खेत पर छोड़कर उदास मन से घर लौट आए। दो घंटे बाद बेटे घर पहुंचे तो वह खाट पर मृत मिले।

फसली बर्बादी सह नहीं पाए राजेंद्र
कमलापुर/सिंधौली। क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद के पास केवल तीन बीघा जमीन है। कुछ जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फसल बोई। उसमें पहले की जमा-पूंजी भी लगा दी, लेकिन फसल कटी तो केवल एक क्विंटल गेहूं मिले। उनके बेटे रामकृपाल के अनुसार वह सुबह खेत पर सही सलामत गए लेकिन वापसी बोझिल कदमों के साथ की। निढाल होकर खाट पर गिर गए। जब तक अस्पताल ले जाने की तैयारी की, उनके प्राण पखेरू हो गए।

फसल खराब होने से किसान की मौत
पुवायां। फसल खराब होने से परेशान एक और किसान की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव जठियापुर निवासी 50 वर्षीय मुंशीलाल के पास डेढ़ एकड़ खेत है। इसके अलावा उसने तीन एकड़ खेत ठेके पर लिया था। साढ़े चार एकड़ गेहूं की फसल बारिश में खराब होने से मुंशीलाल बेहद तवान में थे। बुधवार को गेहूं की कटाई हुई तो कुल जमीन में मात्र नौ क्विंटल गेहूं निकला तो मुंशीलाल की तबियत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को उन्होंने इलाज के लिए ले चलने को कहा, लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी मौत हो गई।

54768 किसानोें को मिले 19.5 करोड़ रुपये
शाहजहांपुर। जिले में फसली नुकसान से प्रभावित 54768 किसानों को अब तक 19.5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सभी तहसीलों में बृहस्पतिवार को कैंप लगाकर राहत राशि का वितरण किया गया।

दसिया में जल्द कराएं सर्वे
शाहजहांपुर। कलान ब्लॉक की ग्राम पंचायत दसिया के दृगपाल सिंह और गुरवीन सिंह ने प्रशासन से गांव में फसली नुकसान का सर्वे जल्द कराने की गुहार की है। जलालाबाद के एसडीएम को दिए गए पत्र में उन्होंने कहा है कि सर्वे के लिए कहने पर लेखपाल ने किसानों से पांच-पांच सौ रुपये की मांग की और धनराशि नहीं दे पाने पर सर्वे भी नहीं किया।
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