गांव में मगरमच्छ के घुसने से ग्रामीणों में हड़कंप
क्षेत्र के गांव रतनापुर के मजरा भरथौली के पास बह रही रामगंगा नदी से शुक्रवार सुबह निकलकर गांव में घुस आया। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इस पर वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों के सहयोग से मगरमच्छ को रामगंगा नदी में छुड़वा दिया गया।
गांव रतनापुर के मजरा भरथौली में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे मगरमच्छ देखा गया, जिसकी लंबाई लगभग चार फिट थी। वह नन्हें के प्याज के खेत में देखा गया था और उसने प्याज की रोपी गई फसल को रौंद दिया। इस पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और भाला- बरछी लेकर खेत की ओर दौड़े। सूचना देने के दो घंटे बाद भी वन विभाग की टीम के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा गया। बाद में वन विभाग की टीम गांव में पहुंची और पेड़ की छांव वाले खेत में छुपे मगरमच्छ को पकड़ लिया। बाद में उसे रामगंगा नदी में छोड़ दिया गया। उधर, मगरमच्छ के आने से नन्हे पुत्र जगपाल ने बताया कि उसको देखने वालों के तमाशे में उनकी आधा बीघा प्याज की फसल बर्बाद हो गई है।
बाढ़ में बहकर मगरमच्छ आने का अनुमान
अल्हागंज क्षेत्र में जो मगरमच्छ ग्रामीणों की सूचना पर विभाग की टीम ने पकड़ा, वह संभवत: दो ढाई साल पहले इलाके में आई बाढ़ के दौरान नदी से बहकर तालाब में आ जाने का अनुमान है। पकड़े गए मगरमच्छ की उम्र भी लगभग दो-तीन वर्ष की है। उसे रामगंगा नदी में छुड़वा दिया गया है।
नरेंद्र कुमार, जिला वन अधिकारी, शाहजहांपुर