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Shahjahanpur News: बाहर से आकर रह रहे लोगों के सामने संकट... मेस के साथ टिफिन सर्विस भी बंद होने से बढ़ी परेशानी

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महिमा गुप्ता, पीजी संचालक
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शाहजहांपुर। शहर के बाहर से नौकरी करने आए लोगों के सामने नाश्ते-भोजन का संकट खड़ा हो गया है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने के कारण कई पेइंग गेस्ट (पीजी) की मेस बंद हो गईं हैं। इसके अलावा शहर में चलने वालीं अधिकतर टिफिन सर्विस भी बंद हैं। इस कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कई लोगों ने पीजी छोड़ दिया है।
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शहर में करीब दस पीजी चल रहे हैं। यहां पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। कुछ स्थानों पर मेस भी चलती हैं। यहां पर अधिकतर वे लोग रहते हैं जो बाहर से आकर यहां नौकरी या फिर पढ़ाई करते हैं। इनमें युवतियां भी शामिल हैं। व्यावसायिक सिलिंडर की अनुपलब्धता के कारण मेस बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा टिफिन सर्विस भी बंद हो जाने से उनके सामने खाने और नाश्ते की दिक्कत खड़ी हो गई है।
इसके विपरीत जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय का दावा है कि केवाईसी कराने पर उपभोक्ताओं को आसानी से गैस सिलिंडर रिफिल मिल रहा है। इंडेन गैस एजेंसियों पर 7903 उपभोक्ताओं ने मंगलवार को बुकिंग कराई। 5680 उपभोक्ताओं को सिलिंडर की डिलीवरी की गई। बीपीसी कंपनी की गैस एजेंसी पर 4400 उपभोक्ताओं ने गैस बुक की, जिनमें 4098 उपभोक्ताओं को आपूर्ति की गई। एचपी गैस कंपनी की एजेंसी पर 1702 उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई। 1900 उपभोक्ताओं को रिफिल की आपूर्ति की गई। कुल 14005 उपभोक्ताओं ने गैस की बुकिंग की। इसमें 11606 उपभोक्ताओं को रिफिल की सप्लाई की गई।
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जनपद के कई क्षेत्रों में पीएनजी निर्बाध आपूर्ति जारी
जिला पूर्ति कार्यालय की ओर बताया गया कि जनपद में पाइप लाइन के माध्यम से कांट नगर, पिपरौला, जमौर, टीचर्स काॅलोनी, गीतापुरम काॅलोनी, गार्डेन स्टेट-निकट पॉलीटेक्निक, साउथ सिटी, आवास विकास निकट बरेली मोड़, कांशीराम काॅलोनी, वृंदावन गाॅर्डन, अजीजगंज, नवादा, बालाजी नगर निकट बरेली मोड़, सिटी पार्क, लोधीपुर, रेती, नई बस्ती, बसंत बिहार काॅलोनी, रोजा पॉवर टॉउनशिप, कृभको नगर टॉउनशिप में गैस सप्लाई की जा रही है। जनपद में कुल 2700 पीएनजी कनेक्शन चालू हैं। इन्हें प्रतिदिन 24 घंटे सप्लाई की जा रही है। जनपद में करीब 4000 पंजीकृत ग्राहक ऐसे हैं जिनके घर में पाइप एवं मीटर लग चुका है। जिन व्यक्तियों के घर गैस पाइपलाइन के निकट है, वे विभाग से संपर्क करके कनेक्शन करा सकते हैं। नए कनेक्शन के लिए हेल्पलाइन नंबर 8765177544, 18002706720 पर संपर्क कर सकते हैं। उपभोक्ता का तीन से चार दिन में कनेक्शन शुरू कर दिया जाता है।
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एजेंसी पर पर्याप्त गैस उपलब्ध

बरेली मोड़ आवास विकास काॅलोनी स्थित अंकिता गैस एजेंसी पर ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग रही हैं। एजेंसी से कांशीराम काॅलोनी, आवास विकास काॅलोनी समेत आसपास के ग्रामीण अंचलों के उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। एजेंसी के मालिक अनिल वर्मा ने बताया कि एजेंसी पर पर्याप्त स्टाॅक उपलब्ध है। प्रत्येक बुकिंग पर नियम के अनुसार गैस की शत प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।

छोटे दुकानदार मजदूरी के लिए अन्य शहरों में कर रहे पलायन

देवकली। कामर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से चाट-पकौड़ी, समोसा, चाऊमीन, बर्गर, मोमोज आदि बेचने वाले छोटे दुकानदारों का काम-धंधा ठप हो गया है। इस कारण वे मजदूरी करने के लिए उत्तराखंंड के रुद्रपुर, हरिद्वार आदि शहरों के लिए पलायन करने लगे हैं।
रनमस्तपुर बुजुर्ग के नीरज सक्सेना गांव के पास खानपान की चीजों की दुकान लगाकर अपने परिवार के साथ गुजर-बसर करते थे, लेकिन कई दिन से गैस सिलिंडर नहीं मिलने पर उनका काम ठप हो गया और अब वह मजदूरी की तलाश में हरिद्वार चले गए। देवकली गांव के सचिन, कपिल, राहुल, बड़े लल्ला, सर्वेश कुमार आदि पकौड़ी के ठेले लगाकर अपने परिवारों का पेट पाल रहे थे। इन सभी ने बताया कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने और इस वजह से काम बंद हो जाने के कारण वह भी मजदूरी करने के लिए रुद्रपुर और हरिद्वार जाने के लिए मजबूर हो गए हैं।

इस बीच, गांव में कई दिन से बंद गैस एजेंसी के बारे में रविवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर मंगलवार को सुबह एजेंसी खुल गई। एजेंसी पर मौजूद अनुज गुप्ता ने बताया कि वह केवल देवकली के कनेक्शन धारकों को ओटीपी नंबर के आधार पर गैस सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित सिलिंडर मिलने से वह बंडा के कनेक्शनधारकों को गैस सिलिंडर नहीं दे सकेंगे। बंडा में गैस एजेंसी पर तीन दिन बाद मंगलवार को घरेलू गैस सिलिंडर लेकर एक ट्रक पहुंचा। आरोप है कि अधिकतर सिलिंंडर असरदार लोगों ने ले लिए और अन्य तमाम लोग मायूस लौट गए। पुवायां के पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार के अनुसार कामर्शियल कनेक्शधारकों को अभी गैस सिलिंडर देने पर रोक लागू है और घरेलू उपभोक्ताओं को बुुकिंग कराने पर ही गैस सिलिंडर मुहैया कराया जा रहा है। संवाद


गैस सिलिंडर खत्म हो गए हैं। कुछ लोग पीजी छोड़कर चले गए हैं। चूल्हे पर खाना बनाकर लोगों को खिला रहे हैं। प्रयास कर रहे है कि पीजी में रहने वाले आठ लोगों को खाना उपलब्ध कराएं।

- महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

चार दिन हो गए हैं। फास्ट फूड का ठेला बंद हो गया है। इसकी वजह से परिवार के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया। गैस सिलिंडर की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।

- नीरज गुप्ता, फास्ट फूड विक्रेता

सिलिंडर खत्म हो गया है। केवाईसी कराने के लिए आए हैं। बुक कराने के बाद गैस सिलिंडर मिलेगा। अभी खाना बनाने के लिए इंडक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
-खुशी, उपभोक्ता

मूलरूप से अमरोहा के रहने वाले हैं। यहां विकास भवन में नौकरी करते हैं। वर्तमान में गैस की किल्लत से होटल के मेन्यू में पेट भरने के लिए दाल-चावल मुश्किल से मिल पा रहा है। इसी को खाकर काम चला रहे हैं।
- योगेंद्र कुमार

नए कनेक्शन की बुकिंंग बहुत कम कर रहे हैं। पहले जो कनेक्शन हैं, उनको सिलिंडर देना प्राथमिकता है। बहुत जरूरी होने पर नए उपभोक्ताओं को सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
- राम सिंह, मैनेजर इंडेन गैस एजेंसी

घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। समय से सिलिंडर की आपूर्ति हो रही है। घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल व्यावसायिक रूप में करने या फिर रिफिलिंग करने पर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

मेडिकल कॉलेज में मरीजों के खाने के लिए धधक रही भट्ठी, गैस चूल्हे पर बन रही रोटी
शाहजहांपुर। व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने से लोग वैकल्पिक ईंधन या पुराने तरीकों को अपनाने के लिए मजबूर हो गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में मरीजों का खाना भट्ठी पर तो रोटियां गैस चूल्हे पर बन रही हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में रोजाना करीब 500 लोगों का खाना बनता है। इसके लिए एक क्विंटल आटा, 25 किलो चावल, 20 किलो दाल व अन्य सामान की खपत होती है। इसके लिए तीन से चार व्यवसायिक सिलिंडर की रोजाना जरूरत पड़ती है। मरीजों व तीमारदारों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए कैंटीन संचालक ने वैकल्पिक व्यवस्था की है।

कैंटीन संचालक संजय अग्रवाल ने बताया कि उनके पास 11 व्यावसायिक सिलिंडर मौजूद हैं। 500 लोगों के खाने में तीन-चार सिलिंडरों की रोजाना खपत होती है। उन्होंने बताया कि दो भट्ठी बनाईं हैं। मंगलवार से यह व्यवस्था शुरू की है। दो क्विंटल लकड़ी लग रही है। रोटियां गैस चूल्हे पर ही बनाई जा रही हैं। सीएमएस डॉ. सरोज ने बताया कि मरीजों को खाना मिल रहा है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। संवाद
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बंद हुई परी कैंटीन शुरू
व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति ठप होने पर परी कैंटीन का संचालन बंद कर दिया गया था, लेकिन सोमवार से कैंटीन का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया। मंगलवार को कैंटीन में काफी भीड़ दिखाई दी। दस रुपये की थाली लेकर लोगों ने भर पेट भोजन किया। संचालन शुरू होने से लोगों को काफी सहूलियत मिली। वहीं, दूसरी ओर जिगनेरा स्थित मेडिकल कॉलेज में भी वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

महिमा गुप्ता, पीजी संचालक

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