शाहजहांपुर। पुलिस ने बृहस्पतिवार को ठगों के जिस गैंग को गिरफ्तार किया था, उसे गुजरात की रहने वाली सरगना रानी बेन चलाती थी। साथियों के पकड़े जाने के बाद से रानी बेन और उसका एक साथी फरार थे। शुक्रवार को एसओजी ने मुखबिर की सूचना पर थाना कलान पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बदायूं जिले के उसावां कस्बे से सरगना रानी बेन समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के पास से पुलिस ने तीन लाख रुपये की नकदी और भारी मात्रा में नकली सोने के सिक्के बरामद किए हैं। दोनों ही आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से उनके द्वारा की ठगी की अन्य घटनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है।
थाना सदर बाजार पुलिस और एसओजी ने मुखबिर की सूचना पर बृहस्पतिवार रात रोडवेज बस अड्डे से ठगी करने वाले गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था।
कलान कस्बा निवासी अनिल गुप्ता ने 18 जून को थाने में सोने के सिक्के दिखाकर छह लाख रुपये ठगने का आरोप लगाकर अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी के आदेश पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा करने के लिए एसओजी को लगाया गया था। बृहस्पतिवार रात कुछ लोग सोने के सिक्के लेकर व्यापारियों की तलाश में थे। मुखबिर की सूचना पर एसओजी और थाना सदर बाजार पुलिस ने दबिश देकर गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गैंग में एक महिला भी शामिल है। जिनमें कल्लू, बब्लू निवासी गांव आकाश नगर इंद्रगढ़ी थाना मंसूरी जिला गाजियाबाद, भीमजी भाई, शांति बेन, मोहनबाई राठौर निवासी 66 केवी महला नगर श्रमजीवी नगर थाना सावलपुर जिला जूनागढ़ गुजरात और गौतमबुद्धनगर जिले के थाना बादलपुर क्षेत्र के गांव निवासी नारायण और कावी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच किलो पीली धातु के सिक्के, ढाई किलो का पीली धातु का हार और 65 हजार रुपये नकदी समेत अन्य कागजात बरामद किए हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
भरोसा जीतने के लिए आरोपी आईकार्ड और मोबाइल नंबर भी देते थे
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सभी गुजरात के जूनागढ़ जिले के मूल निवासी हैं। सभी रिश्तेदार हैं। वर्तमान में गाजियाबाद में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे हैं। बताया कि सीधे साधे लोगों से मिलकर उन्हें खुदाई में कुछ सोने व चांदी के सिक्के मिलना बताते हैं। सिक्के कम दाम पर बेचने की बात करते हैं। जब ग्राहक सिक्के देखता है व चेक कराने के लिए कहता है तो धोखा देकर उसी में से निकाल कर असली सोने का सिक्का उसे दे देते हैं। जिसे चेक कराने पर वह सोने का निकलता है तो लालच में आकर वह व्यक्ति दोबारा से संपर्क करता है और फिर रुपयों का सौदा होने के बाद नकली सिक्के देकर चले जाते हैं। आरोपियों ने बताया कि ग्राहकों को विश्वास दिलाने के लिए अपना आधार कार्ड व अन्य आईडी दिखाते हैं और मोबाइल नंबर भी देते हैं। सौदा होने के बाद मोबाइल को बंद कर लेते हैं। करीब एक माह पहले कलान कस्बे के रहने वाले एक व्यापारी को आधा किलो नकली सोने के सिक्के देकर छह लाख रुपये ठगे थे। आरोपियों ने लखीमपुर से एक मोपेड चुुराई थी।
गैंग की सरगना और उसका एक साथी भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। गैंग के छह सदस्यों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। जिनको जेल भेजा जा चुका है। महिला सरगना से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - एस आनंद, एसपी