इसे पुलिस और प्रशासन की हठधर्मिता नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे। एसपी और डीएम सभी से बेटे के हत्यारों को पकड़वाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे घरवालों की न तो सुनवाई की जा रही है और न ही उनकी ओर ध्यान दिया जा रहा है। आमरण अनशन पर बैठी दो महिलाओं की सोमवार को हालत बिगड़ गई। इस पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य चेकअप किया। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर पीड़ित परिवार न तो ढांढस बंधाने की कोशिश की और न ही बेटे के हत्यारों को खोजा गया।
मीरानपुर कटरा थाना क्षेत्र के गांव पौकी के धु्रवपाल की पत्नी मिथिलेश ने डीएम को ज्ञापन देकर बेटे के हत्यारों को पकड़वाने के लिए गुहार लगाई थी। महिला ने कहा कि उसके बेटे के हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और उसके सहित घरवालों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कहा कि उसके बेटे विपिन को गांव के ही सोलंकी एवं नीरेश पुत्र चंद्रपाल ने बदायूं के रहने वाले अपने राजेश पुत्र रहीस पाल के साथ मिलकर मार दिया। इसके बाद उसका शव फरीदपुर के ततारपुर में रेलवे लाइन के पास डाल दिया गया। इसकी रिपोर्ट बरेली के फरीदपुर थाना में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। महिला ने कहा कि पुलिस नेताओं के दबाव के चलते आरोपियों को गिरफ्तार करने से बच रही है, जबकि आरोपी उसके घरवालों को जान से मार देने की धमकी दे रहे हैं। मिथिलेश का कहना है कि उन्होंने करीब पांच दिन पहले एसपी बबलू कुमार से भी मामले की शिकायत की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई।