जलालाबाद क्षेत्र के बड़े हरेवा में दलित महिलाओं से हुई ज्यादती के सच को क्षेत्र के बसपा विधायक नीरज मौर्य नकार रहे हैं। मंगलवार देर शाम हरेवा से लौटे विधायक ने पीड़ितों से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि कपड़े जरूर दूसरे पक्ष की महिलाओं ने फाड़े, लेकिन निर्वस्त्र करके घुमाया नहीं गया। विधायक के मुताबिक उनसे पीड़ित महिलाओं ने साफ कहा कि उन्हें प्रशासन से आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि दोषियों पर कार्रवाई चाहिए।
बोले, पीड़ित महिलाओं के साथ हुई ज्यादती को बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित किया गया। गांव जाने पर पीड़ित परिवार की महिलाओं ने बताया कि दूसरे पक्ष के लोग उन्हें जबरन अपने घर पकड़कर ले गए। वहां कहासुनी होने पर कश्यप बिरादरी की महिलाओं ने उन पर हमला बोल दिया, जिसमें उनके कपड़े फट गए, लेकिन नग्नावस्था में गांव में घुमाने से इनकार किया।
विधायक मौर्य के अनुसार पीड़ित महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्हें प्रशासन और शासन से आर्थिक मदद की जरूरत नहीं, वह सिर्फ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई चाहती हैं। महिलाओं के साथ जो कुछ हुआ, वह सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है, लेकिन हरेवा को सियासत का ठिकाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इसी कोेशिश में पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार कल पहली बार हरेवा पहुंचे, जबकि अपने कार्यकाल के पांच साल में वह वहां झांकने तक नहीं गए।