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वाहन की टक्कर से युवक की मौत

Thu, 07 Jan 2016 09:07 PM IST
पुवायां।
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बृहस्पतिवार को अज्ञात वाहन की टक्कर से सर्राफा कारीगर की मौत हो गई। वह अपने पिता का इकलौता पुत्र था। छह माह पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। युवक की मौत से घर और ससुराल में कोहराम मचा हुआ है। सिंधौली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
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शाहजहांपुर के मोहल्ला सिंजई निवासी गंगाप्रसाद प्रसाद वर्मा का पुत्र 27 वर्षीय संकेत वर्मा सर्राफा कारीगर है। छह माह पूर्व उसकी शादी बंडा कस्बे के राधेश्याम की पुत्री आरती के साथ हुई थी। आरती दस दिन पूर्व मायके गई थी। बृहस्पतिवार सुबह संकेत घर से दुकान जाने की बात कहकर निकला था और दुकान नहीं जाकर पत्नी को विदा कराने के लिए बंडा के लिए रवाना हो गया। पुवायां शाहजहांपुर मार्ग पर सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव भूड़ा मैनारी में उसकी बाइक में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर घायल हो गया। सूचना पाकर पुवायां पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पुवायां के सरकारी अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में संकेत को मृत घोषित कर दिया गया।
संकेत के पास से मिले मोबाइल से उसके दोस्त शाहजहांपुर के अभिषेक को हादसे की जानकारी दी गई और अभिषेक ने मृतक के परिवार और ससुराल को मामले की जानकारी दी तो दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बंडा से पत्नी आरती परिवार के लोगों और शाहजहांपुर के मृतक के परिवार के लोग रोते बिलखते पुवायां सीएचसी पहुंचे। सिंधौली पुलिस भी पुवायां अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
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मेंहदी छूटने से पहले ही उजड़ा मांग का सिंदूर
पुवायां। मार्ग दुर्घटना में संकेत वर्मा की मौत दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटी है। उसकी छह माह पूर्व ही आरती से शादी हुई थी। आरती भविष्य के सुखद सपनों में खोई पति और ससुराल के अन्य लोगों के साथ हंसी खुशी से रह रही थी। दस दिन पूर्व वह मायके गई थी। पति की मौत की जानकारी पाकर आरती पुवायां पहुंची और पति का शव देखकर बेसुध होकर गिर पड़ी। होश में आने पर उसके मुंह से निकला कि यदि उसे पता होता कि पति उसे यूं छोड़कर चला जाएगा तो वह मायके नहीं जाती। मेंहदी छूटने से पहले ही मांग का सिंदूर उजड़ जाने पर उसे गहरा धक्का लगा है। आरती के करुण क्रंदन से मौके पर मौजूद तमाम लोगों की आंखें नम हो उठीं।
उधर, संकेत के पिता गंगाप्रसाद बुढ़ापे की इकलौती लाठी टूटने से सकते में हैं। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा है कि सुबह दुकान जाने की बात कहकर निकला पुत्र अब इस दुनिया में नहीं रहा। संकेत की मां तो बार बार गश खाकर गिर पड़ती थी।

काश! हेलमेट लगा होता तो बच जाती जान
पुवायां। संकेत वर्मा ने यदि सिर पर हेलमेट लगाया होता तो उसकी जान बच सकती थी। दुर्घटना में उसका एक पैर टूट गया, लेकिन मौत का कारण सिर में पीछे की ओर लगी चोट बनी। हेलमेट लगा होता तो सिर में गंभीर चोट लगने से बच जाती और इलाज कर उसकी जान बचाई जा सकती थी।
बतातें चले कि बाइक पर हेलमेट लगाने के समय समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। टीवी, समाचार पत्र, नुक्कड़ नाटक सहित अन्य माध्यमों से भी लोगों को हेलमेट लगाने के प्रति जागरूक किया जाता है। हेलमेट नहीं लगाने पर पुलिस चालान भी करती रहती है, लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट लगाने पर ध्यान नहीं देते हैं।
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