रामप्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे स्टेशन से कोयले के काले कारोबार का मामला हो या फिर सेक्सन में हो रही वायरकटिंग की वारदातों का। दोनों ही मामलों में अपराधियों पर नकेल न कसने के कारण रोजा आरपीएफ के प्रभारी मो. अनीस और एएसआई गजेंद्र सिंह पर गाज गिर गई। इन दोनों का तबादला उधमपुर, जम्मू कर दिया गया है।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से रामप्रसाद बिस्मिल नगर रेलवे स्टेशन से कोयला चोरी का मामला सुर्खियों में था। इस पूरे मामले मे रोजा आरपीएफ के साथ मंडी गेट के एक ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदिग्ध थी। इसको लेकर महोलिया गांव के लोगों ने प्रदर्शन कर रोजा आरपीएफ, ट्रांसपोर्टर और एक दबंग के खिलाफ सांसद से गुहार लगाई थी।
मामला हाई प्रोफाइल होने के बाद सांसद कृष्णाराज और प्रदेश के राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने इस पूरे मामले को डीजी आरपीएफ से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा को भी घटना से अवगत कराया गया था।
बुधवार की दोपहर आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक अचानक रोजा आरपीएफ पोस्ट पर आए। दोनों ही दरोगाओं को रिलीव करने की प्रक्रिया प्रारंभ की, लेकिन प्रभारी मो. अनीस खां ने स्थानांतरण आदेश नहीं लिया। जिनको विभागीय माध्यमों से आदेश रिसीव कराने की कवायद जारी है।
प्रभारी निरीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि रोजा आरपीएफ प्रभारी मो. अनीस और एएसआई गजेंद्र सिंह का स्थानांतरण उधमपुर,जम्मू कर दिया गया है। उनके स्थान पर रोजा की कमान किसको दी गई है? यह अभी साफ नहीं हो सका है। उधर, राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा द्वारा भी इस मामले की जांच कराने एसपी आरपीएस यादव से कहा गया था। एसपी द्वारा इस मामले में एएसपी देहात आशाराम यादव को सौपी गई है।