सोमवार सुबह करीब आठ बजे कैंट पुलिस को एक युवक की सिर कटी लाश मोक्षधाम के सामने रेलवे लाइन पर मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की सूचना घरवालों को दी। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उसके पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। घरवाले हत्या कर शव रेलवे लाइन पर डालने की बात कह रहे। पुलिस प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे सुसाइड मान रही है।
मोक्षधाम के पास स्थित खन्नौत नदी पुल के पास युवक की सिर कटी लाश मिली। उसके पास मिले आधार कार्ड और वोटर आईडी से उसकी पहचान श्याममोहन उर्फ शानू पुत्र राजेंद्र सिंह के रूप में हुई, जो हरदोई जिले के मझिला थाना क्षेत्र के गांव चठिया धनबाद का रहने वाला था। शानू का सिर डाउन लाइन की दोनों पटरियों के बीच, जबकि शरीर पटरी से बाहर की ओर था।
टाउनहाल स्थित हॉकी क्लब मैदान में हुए सत्संग समारोह में भाग लेने के लिए शानू और उसके पिता राजेंद्र सिंह शनिवार सुबह आए थे। राजेंद्र ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे शानू दोस्त से मिलने की बात कहकर चला गया। शाम को वापस भी आ गया। पिता के मुताबिक रविवार सुबह आठ बजे वह फिर दोस्त से मिलने की बात कहकर चला गया। इसके बाद फिर किसी से नहीं मिला। बड़े भाई राघवेंद्र ने उसे 11 बजे के करीब फोन किया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
सत्संग में शामिल होने के बाद राजेंद्र सिंह घर पहुंचे तो वहां भी शानू को न देखकर चिंतित हुए। सोमवार सुबह घर पहुंची पुलिस ने बेटे की मौत की सूचना दी। इस पर घरवाले मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम हाउस पर शानू का शव देखकर घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। कैंट चौकी इंचार्ज राजेंद्र शर्मा के मुताबिक गेटमैन से मिले मेमो के अनुसार उन्होंने शव को रेलवे लाइन से उठाकर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए भेज दिया। साथ ही उसके पास से मिले सामान को रजिस्टर में दाखिल कर दिया है।
सिगरेट की डिब्बी पर लिखा सुसाइड नोट
श्याम मोहन ने सिगरेट की डिब्बी पर मरने से पहले सुसाइड नोट लिखा था। सुसाइड नोट में भी शानू ने किसी लड़की के बारे में जिक्र किया। साथ ही किसी के द्वारा पकड़े जाने की बात भी उसने लिखी है। हालांकि आत्महत्या के बारे में उसने स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं लिखा। इस वजह से भी आत्महत्या पर संदेह जताया जा रहा है।
रात को भी फोन से होती थी घंटाें बात
श्याममोहन के करीबी दोस्त के मुताबिक वह किसी लड़की से रात और दिन में कई बार बात करता था। हालांकि उसने लड़की का नाम कभी नहीं बताया। दोस्त के मुताबिक लड़की श्याममोहन से रात में बात करती थी, क्योंकि वह अक्सर कहता था कि वह पूरी रात सो नहीं सका। शानू की बात किसी लड़की से होती थी, इसकी जानकारी बड़े भाई राघवेंद्र, नीरज, बहन साधना और नन्हीं देवी और मां मिथिलेश को भी नहीं है।
परीक्षा कक्ष में भी हुई थी फोन से बात
शानू के करीबी दोस्त के मुताबिक वह और शानू दोनों साथ में हरदोई जिले के राजकीय इंटर कॉलेज टढ़ियावां में परीक्षा देने जाते थे। एक दिन परीक्षा वाले दिन शानू मोबाइल लेकर कक्ष तक पहुंच गया। उसी दौरान किसी लड़की का मोबाइल फोन पर कॉल आया तो उसने बाद में बात करने की बात कहकर फोन काट दिया था। दोस्त के मुताबिक वह मोबाइल पर बात करने के दौरान काफी गुस्से में था, लेकिन उसने इस संबंध में कोई बात बताई नहीं।